Heatwave Alert: देश में रिकॉर्ड तोड़ रही गर्मी और हीटवेव को लेकर अब एक खतरे की चेतावनी सामने आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने एक वीडियो के माध्यम से कहा है कि भारत में तापमान अब इंसानी शरीर की सहन क्षमता की सीमा के बेहद करीब पहुंच चुका है। उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए अब थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
एक बड़ी हेल्थ इमरजेंसी बनती जा रही
डॉ. स्वामीनाथन ने कहा कि भारत का एक बहुत बड़ा हिस्सा इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। हीटवेव अब सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि एक बड़ी हेल्थ इमरजेंसी बनती जा रही है, जिसके लिए तुरंत बड़े स्तर पर कदम उठाने की जरूरत है। बढ़ता तापमान शरीर के लिए झेलना मुश्किल होता जा रहा है। जिससे बीमारियां और मौत का खतरा बढ़ सकता है।
कई विभागों को मिलकर करना पड़ेगा काम
डॉ. स्वामीनाथन का कहना है कि इस स्थिति से निपटने के लिए सिर्फ अस्पतालों को तैयार करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि सरकार के कई विभागों को मिलकर काम करना पड़ेगा। इसके लिए उन्होंने भारत में एक विशेष “हीट कमीशन” बनाने का सुझाव दिया, जो लोगों को बचाने के लिए जरूरी प्लान तैयार करे।
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क्यों खतरनाक है नमी वाली गर्मी
डॉ. स्वामीनाथन ने बताया कि सूखे तापमान की तुलना में नमी वाली गर्मी इंसानी शरीर के लिए ज्यादा खतरनाक होती है। क्योंकि जब हवा में नमी ज्यादा होती है, तो शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा नहीं कर पाता, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। एक बार हीट स्ट्रोक होने पर मरीज की स्थिति बहुत तेजी से बिगड़ सकती है।
इलाके के हिसाब से दी जाए चेतावनी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों और मौसम की स्थिति के हिसाब से सटीक हीटवेव चेतावनी जारी की जानी चाहिए। अगर लोगों को समय रहते सही सलाह और जानकारी मिलेगी, तो वे पहले से ही खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।