Fortune Sunflower Oil FSSAI : खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फॉर्च्यून ब्रांड के फ्रायोला रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल के एक सैंपल के लैब टेस्ट में तय मानकों से कम विटामिन D पाए जाने के बाद AWL एग्री बिजनेस लिमिटेड पर जुर्माना लगाया है। जांच के लिए गोवा स्थित ताज फोर्ट अगुआड़ा रिसॉर्ट एंड स्पा से एक लीटर तेल का सैंपल लिया गया था, जिसे कंपनी की मंगलुरु यूनिट में तैयार किया गया था।
दो बार जांच में पुष्टि
प्रारंभिक लैब रिपोर्ट में तेल में विटामिन A और विटामिन D दोनों की मात्रा निर्धारित मानकों से कम पाई गई। इसके आधार पर इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सबस्टैंडर्ड श्रेणी में रखा गया। कंपनी ने पहली रिपोर्ट को चुनौती देते हुए दोबारा जांच की मांग की, लेकिन दूसरी अधिकृत लैब की रिपोर्ट में भी विटामिन D की कमी की पुष्टि हो गई।
FSSAI की सख्ती जारी
हाल के दिनों में FSSAI खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और भ्रामक दावों को लेकर लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी अभियान के तहत पाई फूड्स के कुछ मोन्क फ्रूट स्वीटनर उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई गई थी। वहीं डाबर के कुछ उत्पादों पर किए गए दावों को लेकर भी नियामक ने कार्रवाई की थी, हालांकि बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने उस मामले में डाबर के पक्ष में फैसला सुनाया।
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उपभोक्ताओं पर क्या असर?
FSSAI के मानकों के अनुसार फोर्टिफाइड खाद्य तेलों में विटामिन A और विटामिन D की निर्धारित मात्रा होना जरूरी है, ताकि उपभोक्ताओं को आवश्यक पोषण मिल सके। यदि किसी उत्पाद में इन पोषक तत्वों की मात्रा तय सीमा से कम होती है, तो उपभोक्ताओं को पैकेजिंग पर किए गए पोषण संबंधी दावों के अनुरूप लाभ नहीं मिल पाता।
गुणवत्ता पर बढ़ी निगरानी
सरकार और FSSAI का फोकस इस समय खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर है। नियामक का कहना है कि खाद्य कंपनियों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा और पोषण संबंधी दावे केवल तभी किए जा सकते हैं, जब उत्पाद वास्तव में उन मानकों पर खरा उतरता हो। इससे उपभोक्ताओं के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।