लूट के विरोध में किसान की गोली मारकर हत्या करने वाले चार बदमाशों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नम्बर 3 ने मृत्युदंड? की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी पर एक लाख 20 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। अपने जजमेंट में कोर्ट ने कहा है कि आरोपियों को तब तक फांसी के फंदे पर लटकाया जाए जब तक उनकी मृत्यु न हो जाए।
बाइक पर सवार होकर गांव में आ रहे थे
अभियोजन की ओर से कोर्ट में पैरवी करने वाले एडीजीसी कुलदीप कुमार और जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा ने बताया कि शामली जनपद के गांव कुडाना निवासी राहुल मलिक ने थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि 20 अगस्त 2011 को उसके मामा राजसिंह निवासी गांव भोकरहेडी थाना भोपा अपने गांव के बिजेन्द्र के साथ बाइक पर सवार होकर उसके गांव में आ रहे थे।
दो बदमाशों को दबोच लिया
गांव के पूर्व प्रधान नरेन्द्र के बाग में छिपे बैठे बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। लूटपाट के दौरान उसके मामा राजसिंह ने दो बदमाशों को दबोच लिया। दूसरे बदमाश ने उसके मामा को गोली मार दी, जबकि बिजेन्द्र को लाठी डंडों से पीटा गया। पुलिस की विवेचना में अजीत व सुरज उर्फ काला निवासी बहावडी थाना फुगाना, अनिल निवासी वहलना शहर कोतवाली (हाल खालापार थाना ) व सुनील निवासी घुसवा रामपुर जनपद देवरिया के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस ने चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजते हुए उनके खिलाफ वर्ष 2013 में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
चारों आरोपियों को दोषी करार
इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट (नम्बर 3) के पीठासीन अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट में हुई। कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाते हुए उन्हें फांसी पर लटकाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी पर धारा 302 एवं धारा 394 में एक लाख 20 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। सजा पाए चारों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।