
ऑपरेशन सिंदूर के तहत प्रमुख आतंकी ढांचे को ध्वस्त होने के महीनों बाद जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक कमांडर ने ये स्वीकार किया किया कि बहावलपुर में भारतीय सशस्त्र बलों के हमलों में आतंकवादी संगठन के संस्थापक मसूद अजहर का परिवार पूरी तरह से खत्म हो गया। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर चल रहे एक वीडियो के माध्यम से रिपोर्ट दी थी, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी सशस्त्र कर्मियों के साथ भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकवादी समूह को हुए भारी नुकसान की बात स्वीकार कर रहा है।
लंबे समय से आतंकियों का गढ़ रहा
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के उच्च-मूल्य वाले आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करके जवाबी कार्रवाई की थी।
बाद में पाकिस्तान ने स्वयं पुष्टि की कि बहावलपुर, कोटली और मुरीदके समेत नौ जगहों पर हमला किया गया है। ये क्षेत्र लंबे समय से आतंकियों का गढ़ रहा है।
बहावलपुर पाकिस्तान का 12वां सबसे बड़ा शहर
बहावलपुर पाकिस्तान का 12वां सबसे बड़ा शहर और जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र है। यहां जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह में इस आतंकी समूह का मुख्यालय है, जिसे उस्मान-ओ-अली परिसर भी कहा जाता है। एक सभा को संबोधित करते हुए मसूद इलियास कश्मीरी ने कहा, आतंकवाद की यह बकवास, जिसे हम अपने दिल के करीब रखते हैं, इस देश (पाकिस्तान) की वैचारिक और भौगोलिक सीमाओं के लिए, कभी हम दिल्ली से भिड़ गए, कभी काबुल से और कभी कंधार से।