मेरठ। सामूहिक दुष्कर्म के बाद किशोरी की हत्या के मामले में पोक्सो कोर्ट ने चार को आजीवन कारावास की सजा और 25-25 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया है। सरधना थाने में 21 अप्रैल 2021 को एक मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें वादी ने बताया था कि कपसाड़ गांव निवासी लखन और उसके साथियों उनकी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म किया था और घर पर शिकायत करने पर जहरीला पदार्थ खिला दिया था। उपचार के दौरान बेटी की मौत हो गई थी। मौत से पहले पीड़िता ने पुलिस को आरोपियों को नाम बताया थे।
जांच के बाद पुलिस ने लाखन के अलावा कपसाड़ के तीन अन्य आरोपी रोबिन्स, विकास व रोहित उर्फ राजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना के बाद पुलिस चारों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पोक्सो एक्ट की अदलात में हुई। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए कोर्ट में विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र चौहान, पैरोकार हेड कांस्टेबल इमरान खान ने प्रभावी पैरवी की और नियत तिथि में कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज कराए।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट में 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर लखन, रोबिन्स, विकास व रोहित उर्फ राजा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ता योगेंद्र पाल सिंह चौहान, मेहविश हुसैन (माही) और गौरव चौहान भी प्रभावी पैरवी की।