विश्व फुटबॉल के सबसे महान डिफेंडरों में गिने जाने वाले फ्रेंको बारेसी का शुक्रवार को 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके क्लब एसी मिलान ने आधिकारिक बयान जारी कर उनके निधन की पुष्टि की। क्लब ने उन्हें सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि अपनी पहचान और विरासत का अहम हिस्सा बताया।
पूरे करियर में निभाई एक ही क्लब की वफादारी
फ्रेंको बारेसी ने 1974 में एसी मिलान की यूथ अकादमी से अपने सफर की शुरुआत की और 1978 में सीनियर टीम में डेब्यू किया। इसके बाद करीब 19 वर्षों तक उन्होंने सिर्फ एसी मिलान की जर्सी पहनकर खेला। महज 22 साल की उम्र में उन्हें टीम का कप्तान बनाया गया। उन्होंने क्लब के लिए 719 मुकाबले खेले, जो लंबे समय तक रिकॉर्ड रहा। उनके सम्मान में एसी मिलान ने उनकी प्रतिष्ठित नंबर-6 जर्सी को हमेशा के लिए रिटायर कर दिया।
इटली को दिलाया वर्ल्ड कप, क्लब को कई खिताब
फ्रेंको बारेसी 1982 में फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाली इटली की टीम का हिस्सा रहे। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी की और 1994 फीफा वर्ल्ड कप में इटली को फाइनल तक पहुंचाया। हालांकि फाइनल में ब्राजील के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार के कारण उनका दूसरा विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया। क्लब स्तर पर उन्होंने एसी मिलान के साथ छह सीरी-ए खिताब और तीन यूरोपीय कप जीतने में अहम भूमिका निभाई।
डिफेंडर की नई पहचान बने फ्रेंको बारेसी
बेहतरीन पोजिशनिंग, खेल को पढ़ने की क्षमता और शांत नेतृत्व के कारण फ्रेंको बारेसी को फुटबॉल इतिहास के सर्वश्रेष्ठ डिफेंडरों में गिना जाता है। पाओलो माल्डिनी, माउरो टैसोटी और एलेसांद्रो कोस्टाकुर्ता के साथ उनकी डिफेंस लाइन को फुटबॉल इतिहास की सबसे मजबूत रक्षापंक्तियों में शामिल किया जाता है। एरिगो सैकी और फैबियो कैपेल्लो की कोचिंग में एसी मिलान की सफलताओं के वह सबसे बड़े स्तंभों में रहे।
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आखिरी समय तक फुटबॉल से जुड़े रहे
अगस्त 2025 में उनके फेफड़े में गांठ मिलने के बाद सर्जरी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी नहीं बनाई। वह लगातार सैन सिरो स्टेडियम में नजर आते रहे और इसी साल मिलान-कोर्टिना विंटर ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में मशाल लेकर चलने वाले अंतिम धावकों में भी शामिल थे। उनके निधन के साथ फुटबॉल इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय हमेशा के लिए समाप्त हो गया।