वाराणसी के प्रसिद्ध श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली का मामला सामने आया है. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में छापेमारी कर 21 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये सभी लोग दर्शन कराने के नाम पर भक्तों को झांसे में लेकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे और फिर मौके से गायब हो जाते थे.
विरोध करने पर करते थे दुर्व्यवहार
इस कार्रवाई का नेतृत्व दशाश्वमेध एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने किया. उन्होंने बताया कि एक संगठित गिरोह मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से अवैध रूप से पैसे वसूलता था और विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार भी करता था. शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए चौक और दशाश्वमेध थानों की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया.
21 से 35 वर्ष की आयु के सभी आरोपी
गिरफ्तार सभी आरोपी 21 से 35 वर्ष की आयु के हैं. इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 170, 126 और 135 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया है. थाना चौक के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला और दशाश्वमेध इंस्पेक्टर विमल कुमार मिश्रा के अनुसार, आरोपी मुख्य रूप से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाते थे. वो दर्शन जल्दी कराने का झांसा देकर पहले ही रुपये ले लेते और फिर मंदिर में छोड़कर फरार हो जाते.
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
निखिल पांडेय, राजू पांडेय, लकी पांडेय (बड़ी पियरी), प्रतीक सिंह (बांसफाटक), मोनू सिंह (बलुआबीर), गुरु प्रसाद जायसवाल उर्फ ऋषि, छोटू पांडेय (लहरतारा), विशाल पांडेय, ईशान मिश्रा, विनायक मिश्रा (दुर्गाकुंड, भेलूपुर), संकठा प्रसाद (छोटी पियरी), रंधावा विश्वकर्मा (रामापुरा), अमीर (रसूलागंज, मिर्जापुर), संजय पांडेय (चौकाघाट), मनीष पांडेय (त्रिलोचन बाजार, आदमपुर), सचिन जायसवाल (सोनारपुरा), गोलू साहनी (पड़ाव), अजय कुमार (महमूरगंज), बृजेश कुमार, पवन साहनी (जंगमबाड़ी) और अजय कुमार (मुगलसराय) शामिल हैं.