Norway Lifestyle: क्या आप किसी ऐसे देश की कल्पना कर सकते हैं जहां लोग लाखों रुपये कमाने के बाद भी सादगी से रहते हैं? लेकिन इस जगह की असली खूबसूरती यहां का समाज है। यहां दुकानदार के बिना ही दुकानें चलती हैं, लोग अपने घरों में ताला नहीं लगाते और सरकार नागरिकों की पढ़ाई से लेकर इलाज तक का सारा खर्च खुद उठाती है। इसी बेहतरीन व्यवस्था के दम पर यह देश आज पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुका है।
बेहतरीन व्यवस्था से पूरी दुनिया हैरान
दुनिया के नक्शे पर एक ऐसा देश भी मौजूद है जिसे कुदरत ने खूबसूरत पहाड़ों, शांत झीलों और बेहिसाब प्राकृतिक संसाधनों से नवाजा है। हम बात कर रहे हैं नॉर्वे की। जिसने अपनी बेहतरीन व्यवस्था से पूरी दुनिया को हैरान कर रखा है। इस देश के समाज की सबसे बड़ी खूबसूरती यहां की समानता है। यहां 'जांटलोवन' नाम का एक अलिखित नियम चलता है, जिसका सीधा मतलब है ‘तुम खुद को दूसरों से बेहतर या बड़ा मत समझो’।
पैसों का नहीं करता दिखावा
यही वजह है कि यहां कोई भी अपनी दौलत का प्रदर्शन नहीं करता। किसी के पास कितना भी पैसा क्यों न हो, वह महंगी गाड़ियों या बड़े बंगलों के जरिए दिखावा करने से बचता है। यहां अमीर और गरीब के बीच की खाई न के बराबर है। क्योंकि आर्थिक स्तर पर लगभग हर नागरिक एक जैसी सुख-सुविधाओं का आनंद लेता है।
ईमानदारी की मिसाल
यहां के लोगों में ईमानदारी इस कदर कूट-कूट कर भरी है कि कई दुकानें बिना किसी दुकानदार के चलती हैं। दुकानदार अपना सामान बाहर काउंटर पर छोड़ देते हैं और ग्राहक खुद आकर सामान चुनते हैं। इसके बाद लोग ईमानदारी से पैसे वहां रख देते हैं या बारकोड के जरिए डिजिटल पेमेंट करके चले जाते हैं। यहां छोटे शहरों और गांवों में लोग अपने घरों के दरवाजे खुले छोड़ देते हैं। माता-पिता अपने 6-7 साल के छोटे बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से भी नहीं डरते।
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अपराध न के बराबर
सुरक्षा के मोर्चे पर यह देश कितना मजबूत है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2025 में यहां पूरे देश में सिर्फ 19 हत्याएं दर्ज की गईं। हालांकि, समय के साथ कुछ चीजें बदल रही हैं और ओस्लो जैसे बड़े शहरों में अब चोरी की छिटपुट घटनाएं सामने आने लगी हैं।
मासिक सैलरी लगभग 5 लाख रुपये
यहां के एक औसत व्यक्ति की मासिक सैलरी लगभग 5 लाख रुपये ($5,914) होती है। लेकिन इस मोटी कमाई पर लोगों को 30% से लेकर 45% तक भारी टैक्स चुकाना पड़ता है। उदाहरण के लिए, जो व्यक्ति सालाना 68 लाख रुपये कमाता है, टैक्स कटने के बाद उसके हाथ में केवल 41 से 45 लाख रुपये ही बचते हैं। नॉर्वे दुनिया के 6 सबसे महंगे देशों में से एक है, लेकिन इसके बावजूद यहां हर नागरिक के पास अपना घर, गाड़ी और केबिन मौजूद है।
दुनिया की सबसे 'अमीर सरकार'
नागरिकों को मिलने वाली सभी मुफ्त सुविधाओं के पीछे यहां की सरकार की तगड़ी वित्तीय योजना है, जिसे दुनिया की सबसे अमीर सरकार भी कहा जाता है। इस देश की मुख्य कमाई तेल के निर्यात से होती है, जिसका पूरा पैसा एक विशेष ऑयल फंड में डाला जाता है। इसी पैसे के दम पर सरकार अपने नागरिकों को सुविधाएं देती है। स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक की पढ़ाई और बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह मुफ्त है।
जिंदगी जीने का मकसद
अगर कोई बेरोजगार हो जाता है, तो सरकार उसे अपनी तरफ से पूरे 2 साल तक आर्थिक मदद देती है। बुढ़ापे के दिनों में नागरिकों को जीवन जीने के लिए पेंशन के रूप में एक बहुत अच्छी और मोटी रकम दी जाती है। यहां के लोगों के लिए पैसा कमाना जिंदगी का एकमात्र मकसद नहीं है, बल्कि वे अच्छे तरीके से जीवन जीने में विश्वास रखते हैं। हर परिवार के पास मुख्य घर के अलावा पहाड़ों या समुद्र के किनारे एक छोटा केबिन जरूर होता है। लोग साल में 1-2 बार विदेश घूमने जाते हैं।
काम सिर्फ 37 घंटे
यहां कामकाजी माहौल भारत से बिल्कुल अलग और बेहद तनावमुक्त है। जहां भारत में लोग हफ्ते में आमतौर पर 48 से 55 घंटे तक काम करते हैं, वहीं यहां के लोग हफ्ते में केवल 37 घंटे ही काम करते हैं। यहां शाम के 4 बजते ही पूरा ऑफिस खाली हो जाता है।