देश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके लिए दो वक्त का भोजन भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए सरकार नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत मुफ्त और सस्ते राशन की सुविधा देती है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए राशन कार्ड होना जरूरी है। लेकिन हाल ही में सरकार ने पूरे देश में राशन कार्डों की बड़ी जांच शुरू की है, जिसमें ऐसे नाम हटाए जा रहे हैं जो पात्र नहीं थे, फिर भी सालों से योजना का फायदा उठा रहे थे।
कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं
जांच में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। कई जगह इस बात का खुलासा हुआ कि मृतक व्यक्तियों के नाम पर भी लगातार राशन लिया जा रहा था। कुछ लोग ऐसे भी थे जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद मुफ्त राशन उठा रहे थे। इन सबको रोकने के लिए सरकार ने वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तेज कर दी है। पिछले कुछ महीनों में मुफ्त राशन योजना से करीब 2.25 करोड़ नाम हटाए जा चुके हैं। मंत्रालय का कहना है कि योजना का लाभ केवल असली जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए, इसलिए हर राज्य में रिकॉर्ड की दोबारा जांच जारी है।
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सरकारी लाभ लेने के लिए राशन कार्ड
जांच में यह भी पाया गया कि कई लोगों ने सिर्फ सरकारी लाभ लेने के लिए राशन कार्ड बनवा लिया था, लेकिन वे छह महीने से राशन लेने ही नहीं पहुंचे। ऐसे परिवारों को अब पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की सूची से बाहर किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अपात्र लोगों के हटने से असली कमजोर और गरीब परिवारों तक अधिक और सही मात्रा में राशन पहुंच पाएगा।
राशन कार्ड की e-KYC अब अनिवार्य
यदि आपको लगता है कि आपका नाम सूची से हट गया होगा, तो इसे ऑनलाइन चेक करना बेहद आसान है। इसके लिए nfsa.gov.in पर जाएं और राशन कार्ड सेक्शन में जाकर Ration Card Details On State Portals चुनें। इसके बाद अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत सिलेक्ट करें और अपनी राशन दुकान व कार्ड प्रकार चुनें। अगर लिस्ट में आपका नाम दिखता है तो आपका कार्ड सक्रिय है, अगर नहीं दिखता तो वह हटाया जा चुका है। साथ ही, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि राशन कार्ड की e-KYC अब अनिवार्य कर दी गई है। जिन कार्डों की e-KYC पूरी नहीं है, उन्हें सबसे पहले डिएक्टिवेट किया जाएगा।