
उत्तर प्रदेश की राजधानी 24 जनवरी को यूपी दिवस के अवसर पर एक ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी करेगी। केडी सिंह बाबू स्टेडियम में 'रणभूमि 1.0 क्लैश ऑफ बाहुबलीज' नामक भारत का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय फ्रीस्टाइल रेसलिंग शो आयोजित होगा। रेसलिंग वर्ल्ड ऑफ भारत की ओर से संचालित इस इवेंट में विदेशी और भारतीय पहलवान भिड़ेंगे। इसकी घोषणा एक सम्मेलन में की गई, जिसमें संस्थापक राज सिंह, दक्षिण अफ्रीका के डब्लूडब्लूपी/ डब्लूएडब्लू चेयरमैन मार्क बील, भारतीय पहलवान टाइगर राप्ता, सह-संस्थापक अनिता सिंह और एसोचैम के को-चेयरमैन हसन याकूब मौजूद रहे।
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प्राचीन परंपरा को आधुनिक रूप देने का प्रयास
मुख्य आयोजक राज सिंह ने बताया कि यह कुश्ती की प्राचीन परंपरा को आधुनिक रूप देने का प्रयास है। मार्क बील ने भारत की खेल संस्कृति की सराहना की और टाइगर राप्ता को गौरव का प्रतीक बताया। इवेंट में अमेरिका के क्रिस मास्टर्स और काउबॉय जे. स्टॉर्म, कनाडा के जो ई. लीजेंड, समोआ-अमेरिका के ग्रेट अलोफा, प्यूर्टो रिको के कार्लिटो, दक्षिण अफ्रीका के जुबरी और टीजे। ट्रेमर जैसे अंतरराष्ट्रीय सितारे हिस्सा लेंगे। भारत की ओर से कई पहलवान मैदान में उतरेंगे। राज सिंह और अनिता सिंह के नेतृत्व में यह आयोजन न केवल मनोरंजन देगा, बल्कि लखनऊ में फ्रीस्टाइल प्रोफेशनल रेसलिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने की योजना भी है। इससे युवाओं को भी नई अवसर मिलेंगे. टिकटों की बिक्री जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
प्रोफेशनल कुश्ती असली या नकली बड़ा सवाल ?
इस तरह की कुश्ती पर हमेशा से यह सवाल उठते रहे हैं कि असली है या नकली। मुख्य आयोजक राज सिंह ने बताया कि निश्चित तौर पर यह आरोप प्रोफेशनल कुश्ती पर लगाया जाता है। मैं तो यह कहूंगा कि यह इंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स का मिला-जुला रूप है। यहां भी खिलाड़ियों को चोट लगती है। यहां भी वर्कआउट करते हैं। हमारे यहां भी खिलाड़ियों की सर्जरी होती है। इन पहलवानों को भी फिटनेस की जरूरत होती है।