Sleep Disorders: रात में नींद खुलना एक सामान्य समस्या है। लेकिन एक बार नींद टूटने के बाद फिर से सोना मुश्किल होता है। हालांकि रात में बार-बार नींद खुलना, उठने के बाद नींद न आना और चिड़चिड़ापन होना किसी गंभीर बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। इसे साधारण समझकर नजरअंदाज करना सेहत के लिए भारी पड़ सकता है। यह अनिद्रा और स्लीप एपनिया जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। इन बीमारी की सही समय पर पहचान कर आप घर पर ही अपनी दैनिक जीवन की आदतों में बदलाव कर के इसका उपचार कर सकते हैं।
नींद टूटने की वजह
मानसिक तनाव और चिंता रात में बार-बार नींद खुलने की सबसे बड़ी वजह है। वहीं इसके अलावा कभी-कभी सही गद्दा या तकिया न होना भी नींद में खलल डाल सकता है। वहीं कुछ परिस्थितियों में रात में नींद अनिद्रा और स्लीप एपनिया की वजह से भी खुलती है।
क्या है अनिद्रा
बता दें कि अनिद्रा नींद से जुड़ा एक सामान्य विकार है। रात में कई बार आंख खुल जाना, दोबारा सोने में परेशानी होना, बिस्टर पर लेटने के बाद लंबे समय तक नींद न आना, सुबह उठने पर फ्रेश महसूस न होना अनिद्रा की वजह से होता है, जिसकी वजह से व्यक्ति दिनभर थकान और चिड़चिड़ापन महसूस करता है।
क्या है स्लीप एपनिया
स्लीप एपनिया में सोते समय व्यक्ति की सांस बार-बार कुछ सेकंड के लिए रूकती है और फिर खुद शुरू हो जाती है। सांस रुकने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। जिससे दिमाग व्यक्ति को जगा देता है। इस बीमारी में व्यक्ति सोने के दौरान लगातार और बहुत तेज खर्राटे भी लेता है। साथ ही पूरी रात सोने के बावजूद सुबह उठते ही सिरदर्द और थकान महसूस होता है।
अच्छी नींद पाने के आसान उपाय
- सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दें।
- सोने के लिए सही और आरामदायक गद्दे व तकिये का चुनाव करें।
- सोने से पहले हल्की किताबें पढ़ें या धीमा संगीत सुनें।