
Indigenous Fighter Jet Engines: 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा, तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को नई दिशा देने वाले कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने विशेष रूप से ‘मेड-इन-इंडिया’ फाइटर जेट इंजन के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भारत विदेशी आपूर्ति पर निर्भर रहने के बजाय अपने बलबूते पर रक्षा उत्पादन में अग्रणी बन सके। पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और संबंधित विभागों से आग्रह किया कि आने वाले समय में भारतीय लड़ाकू विमानों के इंजन भी पूरी तरह स्वदेशी हों। साथ ही, उन्होंने छोटे व्यापारियों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की और कहा कि "हम स्वदेशी मजबूरी में नहीं, मजबूती के साथ उपयोग करेंगे।"
रक्षा क्षेत्र में नई उड़ान
प्रधानमंत्री ने बताया कि नासिक में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की तीसरी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) प्रोडक्शन लाइन शुरू हो चुकी है। यह बेंगलुरु के बाहर पहली LCA निर्माण सुविधा है, जिससे सालाना उत्पादन क्षमता 16 से बढ़कर 24 विमान हो जाएगी। नासिक पहले मिग और सुखोई असेंबली के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन अब यह स्वदेशी रक्षा उत्पादन का नया केंद्र बनेगा। यह कदम भारत की रणनीतिक ताकत को और मजबूत करेगा।
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तकनीकी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में
पीएम मोदी ने आईटी, साइबर सुरक्षा, ऑपरेटिंग सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों को देश में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) युग का जिक्र करते हुए कहा कि ईवी बैटरियां, सोलर पैनल और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी भारत में ही तैयार होना चाहिए। उनका विश्वास है कि भारतीय युवा इन क्षेत्रों में नवाचार और उत्पादन के जरिए न केवल घरेलू मांग पूरी करेंगे बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत को अग्रणी बनाएंगे।