नोएडा। महामाया फ्लाईओवर के ठीक बगल में उस जगह, जहाँ कभी सिर्फ़ धूल और ट्रैफ़िक का शोर होता था, आज अचानक जंगल की सोंधापन दौड़ गई। नहीं-नहीं, असली जंगल नहीं, बल्कि कबाड़ से तैयार किया गया एक ऐसा जंगल ट्रेल, जहाँ पुराने लोहे के एंगल, बोल्ट, स्क्रैप गाड़ियों के पुर्जे और फेंके हुए टायर अब शेर की दहाड़ बनकर गरज रहे हैं, हाथी सूंड हिला रहे हैं और डायनासोर बच्चों को डराकर हँसा रहे हैं।
इस अनोखे “जंगल ट्रेल” का उद्घाटन सोमवार को नोएडा के विधायक पंकज सिंह ने किया। रिबन काटते ही जैसे पूरा इलाका हरीतिमा में डूब गया। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस ट्रेल पर 650 से ज़्यादा जंगली जीवों की विशालकाय मूर्तियाँ लगाई गई हैं – वो भी पूरी तरह कबाड़ से। एक पुरानी स्कूटी का साइलेंसर अब चीते की पूँछ बन गया है, ट्रक के शॉक-अब्जॉर्बर जिराफ़ की लंबी गर्दन बन गए हैं और फेंके हुए साइकिल के चेन कवर से बन्दरों के चेहरे पर मुस्कान ला रहे हैं।
बच्चों की चीखें और तालियाँ सुनकर विधायक पंकज सिंह ने कहा, “ये सिर्फ़ एक ट्रेल नहीं है, ये हमारी आने वाली पीढ़ी को संदेश है कि फेंकने से पहले दो बार सोचो। जो चीज़ हमें बेकार लगती है, उसी से हम प्रकृति और कला की नई कहानी लिख सकते हैं। नोएडा अब सिर्फ़ आईटी हब और मॉल का शहर नहीं रहा, अब ये इको-आर्ट का भी शहर बनेगा।”
ट्रेल के बीचों-बीच 25 फुट ऊँचा टायर से बना डायनासोर बच्चों का सबसे पसंदीदा स्पॉट बन गया है। पास ही लोहे की छड़ों से तैयार शेर का परिवार इतना जीवंत है कि छोटे बच्चे पहले तो डर जाते हैं, फिर हँसते-हँसते उसके पास फोटो खिंचवाने दौड़ पड़ते हैं। हर मूर्ति के पास क्यूआर कोड भी लगा है – स्कैन करो तो उस जानवर के बारे में हिंदी और अंग्रेजी में पूरी जानकारी मिलती है। मतलब मज़ा भी, ज्ञान भी।
इस पूरे प्रोजेक्ट को अंजाम दिया है “स्क्रैप आर्टिस्ट्स ऑफ इंडिया” नाम के एक एनजीओ ने, “हमने पिछले आठ महीने में नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कबाड़ गोदामों से 40 टन टन से ज़्यादा स्क्रैप इकट्ठा किया। 22 कलाकारों ने रात-दिन एक करके इसे जंगल का रूप दिया। सबसे बड़ी बात – एक भी नया लोहा नहीं खरीदा गया। एक माँ ने कहा, “पहले बच्चों को मॉल ले जाते थे, अब यहाँ लाएँगे। यहाँ न केवल प्रकृति से जुड़ाव है बल्कि कचरा प्रबंधन का पाठ है और देसी कारीगरी की मिसाल।”
अगर आप भी अपने बच्चों को ये तिलस्मी जंगल दिखाना चाहते हैं तो महामाया फ्लाईओवर के नीचे जगह जगह जंगल ट्रेल” के बोर्ड दिखेंगे। एंट्री 100 रुपये और जीएसटी के साथ नोएडा ने सचमुच साबित कर दिया – कचरे में भी जान होती है, बस उसे देखने की नजर चाहिए। और वो नजर आज पंकज सिंह और कुछ जुनूनी कलाकारों ने पूरे शहर को दे गए हैं। इस कार्यक्रम में बीजेपी नोएडा अध्यक्ष महेश चौहान, सांसद प्रतिनिधि संजय बाली, फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, एनईए अध्यक्ष विपिन मलहन, नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी, महेंद्र प्रसाद, नोएडा प्राधिकरण के उद्यान निदेशक आनन्द मोहन व जीएम आर पी सिंह, डीजीएम विजय कुमार रावल व कंपनी के हेड सुनील मौजूद रहे।