Nepal Ki Baadh : नेपाल में आई बाढ़ और भारी बारिश ने एक बार फिर प्रकृति की ताकत और इंसान की बेबसी का एहसास कराया है. पहाड़ों से लेकर नदियों तक, जब कुदरत अपना रौद्र रूप दिखाती है तो हालात कितनी तेजी से बदल सकते हैं, इसकी तस्वीरें दिल दहला देती हैं. ऐसी ही प्राकृतिक आपदाओं और उनके बीच फंसे लोगों की कहानियां बॉलीवुड की कई फिल्मों में भी दिखाई गई हैं.
केदारनाथ
साल 2013 की उत्तराखंड त्रासदी की पृष्ठभूमि पर बनी ‘केदारनाथ’ में बाढ़ के दौरान मची तबाही को दिखाया गया था. फिल्म में प्रकृति के प्रकोप के साथ एक प्रेम कहानी भी बुनी गई थी। पानी का बढ़ता सैलाब और उसके बीच जिंदगी बचाने की कोशिशें दर्शकों को भावुक कर देती हैं.
तुम बिन 2
‘तुम बिन 2’ पूरी तरह आपदा पर आधारित फिल्म नहीं है, लेकिन इसकी कहानी में पहाड़, बर्फ और मुश्किल हालात का अहम हिस्सा है. फिल्म प्राकृतिक वातावरण और इंसानी भावनाओं के बीच का रिश्ता दिखाती है.
मदर इंडिया
‘मदर इंडिया’ में बाढ़ का एक महत्वपूर्ण दृश्य देखने को मिलता है. गांव में पानी भरने और लोगों के सामने खड़े संकट को फिल्म ने बेहद प्रभावी तरीके से पेश किया था. यह दृश्य बताता है कि प्राकृतिक आपदा का असर सिर्फ घरों पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है.
काई पो चे!
‘काई पो चे!’ में गुजरात के भूकंप के बाद की परिस्थितियों की झलक मिलती है। फिल्म दिखाती है कि आपदा के बाद लोगों की जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाना कितना मुश्किल होता है. इन फिल्मों की कहानियां अलग हैं, लेकिन संदेश एक ही है.... कुदरत के सामने इंसान कितना भी ताकतवर क्यों न हो, उसकी सीमाएं हमेशा बनी रहती हैं.