
Hariyali Teej Celebrations : हरियाली तीज भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो विशेष रूप से महिलाओं द्वारा धूमधाम से मनाया जाता है. यह पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है और खासतौर पर सुहागिन स्त्रियों के लिए बहुत महत्व रखता है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन की याद में मनाया जाता है. इस अवसर पर महिलाएं व्रत रखती हैं, पूजा करती हैं और हरियाली के बीच झूला झूलकर उत्सव मनाती हैं. भारत के विभिन्न क्षेत्रों में यह पर्व अलग-अलग ढंग से मनाया जाता है, जिनमें रीति-रिवाज़, वेशभूषा, व्यंजन और सांस्कृतिक गतिविधियाँ भिन्न-भिन्न होती हैं. आइए जानते हैं कि देश के विभिन्न हिस्सों में महिलाएं हरियाली तीज को कैसे खास बनाती हैं.
1. राजस्थान – पारंपरिक गीत और शाही झांकियाँ
राजस्थान में हरियाली तीज एक भव्य उत्सव के रूप में मनाई जाती है। यहाँ की महिलाएं पारंपरिक घाघरा-चोली पहनती हैं, मेंहदी रचाती हैं और लोकगीतों पर झूला झूलती हैं. जयपुर में तीज माता की सवारी निकलती है जिसमें सजे-धजे हाथी, ऊँट और बैंड-बाजों के साथ शाही झांकी निकाली जाती है. यह झांकी दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करती है.
2. उत्तर प्रदेश – धार्मिक पूजन और सामूहिक व्रत
उत्तर प्रदेश की महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं और शिव-पार्वती की पूजा करती हैं. वे नई-नई साड़ियाँ पहनती हैं, मेंहदी लगाती हैं और घर के आंगन में झूला डालती हैं. महिलाएं एक-दूसरे के साथ गीत गाकर और लोकनृत्य कर इस दिन को खास बनाती हैं. कई जगहों पर सामूहिक रूप से पूजन और व्रत कथा का आयोजन भी होता है.
3. पंजाब – सावन की मस्ती और गिद्धा नृत्य
पंजाब में हरियाली तीज को "तिया दा तिहार" कहा जाता है. यहाँ की महिलाएं पारंपरिक पंजाबी सूट पहनकर गिद्धा और भांगड़ा करती हैं. लोकगीतों की धुन पर नाचते-गाते हुए सावन का स्वागत करती हैं. यहाँ यह त्योहार महिलाओं के मिलन और सास-बहू के रिश्ते को मजबूत करने का प्रतीक भी माना जाता है.
4. हरियाणा – सामूहिक समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम
हरियाणा में हरियाली तीज के मौके पर स्कूलों, कॉलेजों और गाँवों में खास कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. महिलाएं पारंपरिक परिधान में सज-धज कर भाग लेती हैं और झूला झूलने के साथ-साथ कविता, नृत्य और गीतों की प्रतियोगिताओं में भाग लेती हैं. इस दिन बेटियाँ अपने मायके आती हैं और माँ के हाथों से पकवान खाती हैं.
5. मध्य प्रदेश – भक्ति भाव और पारंपरिक पकवान
मध्य प्रदेश में भी तीज का खास महत्व है. यहाँ की महिलाएं सुहाग चिन्हों जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी आदि से सजती हैं और भगवान शिव-पार्वती की पूजा करती हैं. पारंपरिक व्यंजन जैसे घेवर, पूड़ी-कचौड़ी और मिठाइयाँ बनती हैं। समूहों में इकट्ठा होकर महिलाएं तीज गीत गाती हैं.
6. बिहार और झारखंड – त्योहार में लोक रंग और ग्रामीण परंपरा
बिहार और झारखंड में तीज व्रत को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं खेतों की हरियाली में झूले डालकर समूह में झूला झूलती हैं. लोकगीत गाते हुए और पारंपरिक परिधान पहनकर वे पूरे दिन तीज का उत्सव मनाती हैं.
हरियाली तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय नारी के प्रेम, समर्पण और सौंदर्य का उत्सव है. देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे भले ही भिन्न रूपों में मनाया जाता हो, लेकिन भाव सभी जगह एक ही होता है – पति की लंबी उम्र की कामना, प्रकृति से जुड़ाव और स्त्री समुदाय में आपसी bonding को मजबूत करना. यह त्योहार भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता का अनोखा उदाहरण है.