खाने-पीने का छोटा कारोबार करने वालों के लिए सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। अब फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने बेसिक रजिस्ट्रेशन के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के तहत टर्नओवर की सीमा को 12 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिससे छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट वेंडर्स को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
टर्नओवर के आधार पर तय होगा लाइसेंस
सरकार ने अब फूड बिजनेस के लिए लाइसेंस प्रक्रिया को टर्नओवर के हिसाब से स्पष्ट कर दिया है। जिन कारोबारियों का सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये तक है, उन्हें केवल बेसिक रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जो सबसे आसान प्रक्रिया मानी जाती है। वहीं 1.5 करोड़ से 50 करोड़ रुपये तक के कारोबार के लिए राज्य स्तर का लाइसेंस लेना जरूरी होगा। इसके अलावा 50 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले बड़े व्यवसायों को केंद्रीय लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
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छोटे कारोबारियों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा छोटे दुकानदारों, ठेले-खोमचे वालों और लोकल फूड बिजनेस करने वालों को मिलेगा। पहले कम टर्नओवर के बावजूद कई बार जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था, लेकिन अब नियम आसान होने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी। इससे छोटे व्यापारियों के लिए कारोबार करना और भी सरल हो जाएगा।
स्ट्रीट वेंडर्स के लिए खत्म हुई बड़ी परेशानी
सड़क किनारे खाने-पीने का सामान बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को भी इस फैसले से बड़ी राहत मिली है। जो वेंडर्स पहले से नगर निगम या टाउन वेंडिंग कमेटी में रजिस्टर्ड हैं, उन्हें अब FSSAI में अलग से रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे विक्रेताओं को सीधे मान्यता मिल जाएगी, जिससे उनकी कागजी प्रक्रिया काफी कम हो जाएगी।
1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम
सरकार का मानना है कि इस फैसले से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा और छोटे कारोबारियों को बिना ज्यादा झंझट के काम करने का मौका मिलेगा। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले इन नियमों के बाद देशभर के लाखों छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडर्स को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।