FSSAI Complan Nestle Notice : बच्चों की लंबाई बढ़ाने, याददाश्त बेहतर करने और इम्यूनिटी मजबूत करने के दावे अब जांच के घेरे में हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने Nestle India और Complan बनाने वाली Zydus Wellness समेत कई कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं। नियामक ने कंपनियों से पूछा है कि उनके उत्पादों और विज्ञापनों में किए गए दावों के पीछे क्या वैज्ञानिक सबूत हैं। इस मामले में बच्चों के दूध से जुड़े कुछ उत्पाद भी शामिल हैं। कंपनियों से यह भी पूछा गया है कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। फिलहाल, यह मामला कंपनियों से जवाब और दावों के समर्थन में सबूत मांगने का है।
Complan के विज्ञापनों पर क्यों उठे सवाल?
FSSAI ने Complan के विज्ञापनों में किए गए कई दावों पर सवाल उठाए हैं। इनमें ‘2X Faster Growth’ और ‘Grow Taller, Faster’ जैसे दावे शामिल हैं। इनका मतलब तेजी से बढ़ने और लंबाई बढ़ने से जुड़ा है। नियामक ने कंपनी से पूछा है कि इन दावों को सही साबित करने के लिए उसके पास क्या वैज्ञानिक प्रमाण हैं। इसके अलावा, उत्पाद पर याददाश्त और ध्यान लगाने की क्षमता को सहारा देने के दावों की भी जांच की जा रही है। ‘Pro Immunity+ 34 Vital Nutrients’ जैसे दावों पर भी सवाल उठे हैं। इन दावों से माता-पिता के मन में बच्चों की लंबाई और विकास को लेकर उम्मीदें बन सकती हैं।
Nestle के बेबी फूड भी जांच के दायरे में
इस मामले में Nestle India के Lactogen Pro 1 Powder और NAN Excella Pro Stage 1 जैसे उत्पाद भी शामिल हैं। FSSAI ने इन उत्पादों में मौजूद व्हे प्रोटीन को आसानी से पचने वाला बताने के दावों के समर्थन में सबूत मांगे हैं। NAN Excella Pro Stage 1 पर पांच तरह के HMOs के जरिए सामान्य इम्यूनिटी को सहारा देने से जुड़ा दावा भी जांच के दायरे में है। नियामक यह जानना चाहता है कि इन दावों को किन वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर पेश किया गया है। बच्चों के लिए बने उत्पादों पर इस तरह के दावे करते समय तय नियमों का पालन करना जरूरी है।
Abbott और सोशल मीडिया प्रचार पर भी कार्रवाई
FSSAI की इस कार्रवाई में Abbott Healthcare समेत अन्य कंपनियों से जुड़े मामले भी शामिल हैं। इसके अलावा, बच्चों के लिए बने दूध के विकल्पों का प्रचार करने वाली एक इंस्टाग्राम रील को लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इरा फातिमा को भी नोटिस दिया गया है। नियामक की जांच सिर्फ उत्पादों के पैकेट पर लिखी जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि विज्ञापनों और ऑनलाइन प्रचार में किए जाने वाले दावों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। कंपनियों और संबंधित लोगों से उनके दावों के आधार और नियमों के पालन को लेकर जवाब मांगा गया है।
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क्या बच्चों की लंबाई और इम्यूनिटी बढ़ती है?
बच्चों की लंबाई और शारीरिक विकास पर उम्र, आनुवंशिकता, खानपान और स्वास्थ्य जैसे कई कारकों का असर पड़ता है। ऐसे में किसी हेल्थ ड्रिंक को लंबाई तेजी से बढ़ाने या इम्यूनिटी मजबूत करने वाला बताने के लिए उसके दावों का वैज्ञानिक आधार होना जरूरी है। FSSAI इसी आधार की जांच कर रहा है। नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि कंपनियां दोषी साबित हो गई हैं। अभी उनसे जवाब मांगा गया है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि संबंधित दावे नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।
माता-पिता किन बातों का रखें ध्यान?
माता-पिता को बच्चों के लिए दूध, पाउडर या हेल्थ ड्रिंक खरीदते समय सिर्फ विज्ञापनों में किए गए बड़े-बड़े दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उत्पाद की उम्र संबंधी जानकारी, सामग्री और इस्तेमाल से जुड़े निर्देश ध्यान से पढ़ने चाहिए। छोटे बच्चों, खासकर शिशुओं के लिए किसी भी उत्पाद का चुनाव उनकी उम्र और जरूरत के हिसाब से करना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब FSSAI छह महीने तक के शिशुओं के भोजन में अलग से सुक्रोज और फ्रुक्टोज मिलाने पर रोक लगाने का प्रस्ताव भी दे चुका है। इससे बच्चों के भोजन और उससे जुड़े विज्ञापनों की जांच का महत्व और बढ़ गया है।