देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा फैसला जल्द सामने आ सकता है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अगले 5 से 7 दिनों में कीमतों में बढ़ोतरी पर निर्णय लिया जा सकता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बीच सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है। अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन संकेत बता रहे हैं कि ईंधन महंगा हो सकता है।
4-5 रुपये तक बढ़ने की आशंका
सूत्रों के अनुसार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी संभव है। सरकार एक मुश्किल स्थिति में है, जहां एक तरफ तेल कंपनियों का बढ़ता दबाव है और दूसरी ओर महंगाई को नियंत्रित रखने की चुनौती। ऐसे में फैसला संतुलन बनाकर लेने की कोशिश की जा रही है, लेकिन आम लोगों पर असर पड़ना लगभग तय माना जा रहा है।
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सीधा असर जेब और रसोई पर
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहता। डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ता है, जिससे सब्जी, राशन और रोजमर्रा के सामान की कीमतें भी ऊपर जाती हैं। यानी एक छोटा सा बदलाव पूरे घरेलू बजट को प्रभावित कर सकता है। खासकर मध्यम वर्ग के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन सकता है, जो पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहा है।
सरकार के सामने संतुलन की चुनौती
सरकार फिलहाल इस बात का आकलन कर रही है कि कितना बोझ खुद उठाया जाए और कितना उपभोक्ताओं पर डाला जाए। वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच यह फैसला बेहद संवेदनशील बन गया है। आने वाले कुछ दिनों में स्थिति साफ हो सकती है, लेकिन फिलहाल संकेत यही हैं कि महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है