देश में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी की कीमतों में भी लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। बीते 12 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल के दाम करीब 7 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं, जबकि सीएनजी भी कुल 6 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई है। इसका सीधा असर वाहन चलाने वाले लोगों और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ना शुरू हो गया है।
सीएनजी ने भी बढ़ाई परेशानी
सीएनजी की कीमतों में हाल के दिनों में लगातार चार बार बढ़ोतरी की गई है। ताजा बदलाव के बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत बढ़कर 83.09 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। इससे ऑटो, टैक्सी और निजी वाहन चलाने वाले लोगों की लागत बढ़ने लगी है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसका असर किराए और परिवहन सेवाओं पर भी दिखाई दे सकता है।
पेट्रोल-डीजल ने भी तोड़ा संतुलन
तेल कंपनियों ने भी अलग-अलग चरणों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए हैं। इसके बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है। लगातार बढ़ती कीमतों ने निजी वाहन उपयोग करने वालों के मासिक बजट पर सीधा असर डाला है। साथ ही माल ढुलाई की लागत बढ़ने से रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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होर्मुज संकट बना बड़ी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और ऊर्जा बाजार में अस्थिरता इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह मानी जा रही है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी स्थिति ने तेल और गैस की आपूर्ति पर असर डाला है। यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल आपूर्ति का बेहद अहम हिस्सा माना जाता है।
फिलहाल राहत की उम्मीद कम
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो ईंधन की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। इसका असर सिर्फ वाहन खर्च तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि सब्जियों, दूध, किराना और रोजमर्रा के सामानों तक भी पहुंच सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई आम लोगों की जेब पर और भारी पड़ सकती है।