Galgotias University: गलगोटिया यूनिवर्सिटी के 'रोबोट इंटरव्यू' वाले वीडियो के वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। चाइनीज रोबोट को गलगोटिया यूनिवर्सिटी का इन्वेंशन बताने वाली प्रोफेसर नेहा सिंह अब नई नौकरी की तलाश में हैं। उन्होंने लिंक्डइन प्रोफाइल पर 'ओपन टू वर्क' का स्टेटस अपडेट कर दिया है। इस मामले के आने के बाद सरकार ने यूनिवर्सिटी को AI समिट से बाहर कर दिया था।
यूनिवर्सिटी ने मांगी थी माफी
वहीं यूनिवर्सिटी ने इस पूरे मामले के लिए प्रोफेसर को जिम्मेदार ठहराते हुए माफी मांगी है। यूनिवर्सिटी ने कहा, "हमारी एक प्रतिनिधि को सही जानकारी नहीं थी। वे कैमरे पर आने के उत्साह में गलत तथ्य दे गईं। उन्हें प्रेस से बात करने के लिए अधिकृत भी नहीं किया गया था।"
कौन है नेहा सिंह
प्रोफेसर नेहा सिंह रातों-रात चर्चा में आईं, प्रोफेसर नेहा सिंह गलगोटिया यूनिवर्सिटी में Head of Department Strategic Communications and PR और असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में पढ़ाई की है। नेहा सिंह ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से MBA फर्स्ट ग्रेड से और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से B.Com फर्स्ट ग्रेड से किया. कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और पब्लिक रिलेशंस (PR) का अच्छा-खासा अनुभव ही उन्हें नोएडा की प्राइवेट गलगोटिया यूनिवर्सिटी में लाया।
2023 में किया था ज्वाइन
प्रोफेसर नेहा सिंह की लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने नवंबर 2023 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर ज्वाइन किया था। उससे पहले नोएडा की ही शारदा यूनिवर्सिटी और GITAM यूनिवर्सिटी में काम कर चुकी हैं। नेहा अपनी प्रोफेशनल लाइफ के अलावा इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव रहती हैं और मोटिवेशनल व लाइफस्टाइल कंटेंट शेयर करती हैं।
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क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि हाल ही में 'India AI Impact Summit' इवेंट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने एक रोबोटिक डॉग (Robotic Dog) प्रदर्शित किया। वीडियो में यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह कह रही हैं कि इस रोबोटिक डॉग का नाम 'ओरियन' है। इसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' ने तैयार किया है। उन्होंने ये भी कहा कि यूनिवर्सिटी AI के क्षेत्र में 350 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कई टेक एक्सपर्ट्स और यूजर्स ने दावा किया कि यह असल में चीनी कंपनी 'यूनिट्री' का 'Go2' मॉडल है, जो बाजार में 2-3 लाख रुपए में उपलब्ध है। इस पर ‘मेक इन इंडिया’ थीम वाले समिट में विदेशी प्रोडक्ट को अपना बताने का आरोप लगा।
यूनिवर्सिटी ने जारी किया था बयान
वीडियो वायरल होने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपना बयान जारी किया था। जिसमें उन्होंने कहा कि हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि गलगोटिया ने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है और न ही हमने कभी ऐसा दावा किया है। लेकिन हम ऐसे दिमाग तैयार कर रहे हैं जो जल्द ही भारत में ऐसी ही टेक्नोलॉजी को डिजाइन करेंगे, उनकी इंजीनियरिंग करेंगे और उन्हें यहीं बनाएंगे।