Galle Test Groundstaff : भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेला गया पहला टेस्ट मुकाबला सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन के लिए ही नहीं, बल्कि ग्राउंडस्टाफ की मेहनत के लिए भी चर्चा में है। लगातार बारिश के बावजूद मैच सफलतापूर्वक पूरा हुआ और टीम इंडिया ने 165 रन से जीत दर्ज कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। इस पूरे आयोजन को सुचारू रूप से चलाने में 130 ग्राउंडस्टाफ का बड़ा योगदान रहा।
श्रीलंका बोर्ड ने लगाए 130 कर्मचारी
रिपोर्ट के मुताबिक श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने गॉल टेस्ट के लिए कुल 130 ग्राउंडस्टाफ की व्यवस्था की थी। इनमें 16 कर्मचारी गॉल स्टेडियम के नियमित स्टाफ थे, जबकि 10 कर्मचारियों को हंबनटोटा से बुलाया गया था। इसके अलावा 102 लोगों को विशेष रूप से इस टेस्ट मैच के लिए अस्थायी तौर पर नियुक्त किया गया था ताकि बारिश के दौरान मैदान को जल्द से जल्द खेलने लायक बनाया जा सके।
बारिश बनी थी सबसे बड़ी चुनौती
गॉल टेस्ट के दौरान कई बार बारिश ने खेल को प्रभावित किया। ऐसे हालात में मैदान को सुरक्षित रखना और जल्दी तैयार करना आसान काम नहीं था। ग्राउंडस्टाफ ने कवर लगाने, पानी हटाने और आउटफील्ड को खेलने योग्य बनाने के लिए लगातार मेहनत की। उनकी इसी कोशिश के चलते मैच में ज्यादा समय खराब नहीं हुआ।
कितनी मिलती है मजदूरी?
रिपोर्ट के अनुसार टेस्ट मैच के लिए अस्थायी रूप से रखे गए 102 ग्राउंडस्टाफ को प्रतिदिन 2500 से 4000 श्रीलंकाई रुपये दिए गए। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 727 रुपये से 1164 रुपये प्रतिदिन के बीच बैठती है। यानी इन कर्मचारियों को मासिक वेतन नहीं बल्कि रोजाना के हिसाब से भुगतान किया जाता है।
स्थायी कर्मचारियों की भी अलग व्यवस्था
जानकारी के मुताबिक श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के नियमित ग्राउंडस्टाफ को भी पारंपरिक मासिक सैलरी नहीं दी जाती। उन्हें भी काम के दिनों के आधार पर भुगतान मिलता है। रिपोर्टों में यह राशि करीब 2000 श्रीलंकाई रुपये प्रतिदिन बताई गई है। यही वजह है कि बड़े मुकाबलों के दौरान अतिरिक्त कर्मचारियों को अस्थायी रूप से जोड़ा जाता है।
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टीम इंडिया की जीत में रहा अहम योगदान
गॉल टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल की शानदार बल्लेबाजी और मानव सुथार की घातक गेंदबाजी चर्चा में रही, लेकिन मैदान के पीछे काम करने वाले ग्राउंडस्टाफ की भूमिका भी कम महत्वपूर्ण नहीं थी। अगर बारिश के बीच मैदान को समय पर तैयार नहीं किया जाता तो मैच का नतीजा प्रभावित हो सकता था। ऐसे में गॉल टेस्ट की सफलता के पीछे खिलाड़ियों के साथ-साथ 130 ग्राउंडस्टाफ की मेहनत भी बड़ी वजह मानी जा रही है।