भारत ने हाल ही में साउथ अफ्रीका को 2-1 से हराकर वनडे सीरीज अपने नाम की, और इस जीत में विराट कोहली व रोहित शर्मा का योगदान सबसे अहम रहा। कोहली ने 151 की औसत से 302 रन ठोककर दो शतक लगाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज बने। रोहित ने 146 रन बनाए और शुरुआती मैचों में टीम को ठोस शुरुआत दी। लेकिन जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर ने दोनों के नाम तक नहीं लिए और यहीं से पूरा मामला गर्म हो गया। यह वही तरह का विवाद है जैसा हाल ही में Bangladesh क्रिकेट को घेर चुका है, जहां खिलाड़ियों को लेकर बयानबाजी सुर्खियों में रही।
उथप्पा ने उठाई बड़ी बात
पूर्व भारतीय क्रिकेटर व गंभीर के साथी रहे रॉबिन उथप्पा इस अनदेखी से हैरान रहे। उन्होंने अपने चैनल पर कहा कि यह अजीब था कि गंभीर ने जीत में अहम भूमिका निभाने वाले रोहित और कोहली को एक शब्द भी समर्पित नहीं किया। उथप्पा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चाएँ और तेज हो गईं, खासकर इसलिए क्योंकि गंभीर और कोहली के बीच मनमुटाव की खबरें पहले से चल रही थीं। रांची वनडे के बाद भी कुछ फैंस ने दावा किया कि कोहली ने गंभीर को इग्नोर किया था, जबकि बाद में रोहित-गंभीर की बातचीत के वीडियो सामने आए।
गंभीर का फोकस प्लानिंग पर, खिलाड़ियों पर नहीं
गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम के प्लान, संभव बदलावों और भविष्य की रणनीति पर बात की, लेकिन सीनियर खिलाड़ियों की तारीफ नहीं की। उथप्पा के मुताबिक यह असामान्य था, क्योंकि दोनों दिग्गजों की पारियां सीरीज का रुख बदलने में निर्णायक थीं। रोहित-कोहली अब वनडे फॉर्मेट पर फोकस कर रहे हैं और लगातार शानदार प्रदर्शन से खुद को 2027 वर्ल्ड कप की रेस में सबसे आगे रख रहे हैं। दोनों आईसीसी रैंकिंग में टॉप-2 में पहुँच चुके हैं—रोहित नंबर-1 पर और कोहली नंबर-2 पर।
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अब आगे क्या? गंभीर ने सफाई में क्या कहा
जब गंभीर से पूछा गया कि क्या युवा बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ और यशस्वी जायसवाल भविष्य की वनडे योजनाओं में अहम होंगे, तो उन्होंने कहा कि भविष्यवाणी करना जल्दबाज़ी होगी। उन्होंने माना कि रोहित और विराट वर्ल्ड-क्लास खिलाड़ी हैं और उनका अनुभव टीम के लिए अनमोल है। जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में दोनों फिर मैदान में दिखेंगे। विवाद चाहे जितना हो, लेकिन मैदान पर उनके बल्ले ने जिस तरह जवाब दिया है, उसने सारी बहसों को पीछे छोड़ दिया है।