Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस अवसर पर भक्त अपने घरों में गणपति की प्रतिमा स्थापित करते हैं और कई दिनों तक श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक परंपराओं में गणेश जी को विघ्नों का नाश करने वाला देवता माना गया है। यही वजह है कि किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा करने की परंपरा है। गणपति पूजन में फूल, दूर्वा और नैवेद्य का विशेष स्थान है। मान्यता है कि कुछ खास चीजें अर्पित करने से बप्पा जल्दी प्रसन्न होते हैं।
लाल फूलों से करें गणपति का श्रृंगार
गणेश जी की पूजा में लाल रंग के फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है। खासतौर पर लाल गुड़हल का फूल भगवान गणेश को अर्पित करने की परंपरा है। इसके अलावा भक्त लाल गुलाब, गेंदे और चमेली जैसे फूल भी चढ़ा सकते हैं। फूल अर्पित करते समय साफ-सफाई और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गणपति को फूल अर्पित करने से भक्त की पूजा पूर्ण मानी जाती है और बाधाओं से मुक्ति की कामना की जाती है।
दूर्वा के बिना अधूरी मानी जाती है पूजा
गणपति पूजन में दूर्वा का महत्व फूलों से भी अलग और विशेष माना गया है। आमतौर पर भगवान गणेश को दूर्वा की छोटी-छोटी गांठें बनाकर अर्पित की जाती हैं। कई धार्मिक परंपराओं में 21 दूर्वा अर्पित करने का विधान बताया गया है। दूर्वा चढ़ाते समय यह ध्यान रखें कि वह ताजी, साफ और बिना सूखी हुई हो। मान्यता है कि दूर्वा अर्पित करने से गणेश जी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने की प्रार्थना की जाती है।
मोदक और लड्डू का लगाएं भोग
भगवान गणेश के भोग की बात हो तो सबसे पहले मोदक का नाम आता है। इसे गणपति का प्रिय प्रसाद माना जाता है। गणेश चतुर्थी पर भक्त घर में बने या बाजार से लाए मोदक का भोग बप्पा को लगा सकते हैं। इसके अलावा बेसन के लड्डू, बूंदी या मोतीचूर के लड्डू, केला, नारियल और गुड़ भी नैवेद्य में शामिल किए जा सकते हैं। कुछ परंपराओं में 21 मोदक अर्पित करने की मान्यता भी है।
यह भी पढ़ें: Ganesh Chaturthi 2026: घर में गणपति स्थापना से पहले जान लें ये 7 जरूरी नियम, ऐसे करें पूजा की तैयारी
इस तरह करें गणपति की पूजा
गणेश जी की पूजा शुरू करने से पहले पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ कर लें। इसके बाद चौकी पर स्वच्छ वस्त्र बिछाकर गणपति की प्रतिमा स्थापित करें। भगवान को जल अर्पित करने के बाद रोली, अक्षत, फूल और दूर्वा चढ़ाएं। इसके बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार मोदक या अन्य मिठाई का भोग लगाएं। घी का दीपक और धूप जलाकर गणेश जी की आरती करें। पूजा पूरी होने के बाद भगवान के सामने अपनी मनोकामना रखें और परिवार के सदस्यों के साथ प्रसाद ग्रहण करें। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और साफ मन से की गई गणपति आराधना से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।