Ganesh Chaturthi 2026: हर साल भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से गणेश उत्सव की शुरुआत होती है। गणेश चतुर्थी के दिन भक्त भगवान गणेश की प्रतिमा घर लाकर पूरे विधि-विधान से उनकी स्थापना करते हैं। इसके बाद कई परिवार अपनी परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन से लेकर 10 दिनों तक बप्पा की पूजा करते हैं और फिर श्रद्धा के साथ उनका विसर्जन किया जाता है। देशभर में इस पर्व की रौनक रहती है, लेकिन महाराष्ट्र में गणपति उत्सव का अलग ही रंग देखने को मिलता है। धार्मिक मान्यताओं में भगवान गणेश को सुख-समृद्धि, बुद्धि और शुभता का प्रतीक माना गया है। यही वजह है कि गणपति स्थापना को लेकर लोग कई नियमों का ध्यान रखते हैं। अगर आप भी इस बार घर में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करने जा रहे हैं तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें।
स्थापना की जगह पहले करें तैयार
गणपति स्थापना से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई कर लें। जिस स्थान पर प्रतिमा रखनी है, वहां स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। पूजा की जगह को गंगाजल से शुद्ध करने की भी परंपरा है। इसके बाद लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का साफ कपड़ा बिछाकर बप्पा की प्रतिमा स्थापित करें। गणेश जी को सीधे फर्श पर रखने से बचना चाहिए।
सही दिशा का रखें ध्यान
वास्तु मान्यताओं के अनुसार गणपति की स्थापना के लिए घर का ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा शुभ मानी जाती है। प्रतिमा रखते समय इस बात का ध्यान रखें कि पूजा करने वाले व्यक्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे।
कैसी हो गणेश जी की प्रतिमा?
घर में स्थापना के लिए गणेश जी की प्रतिमा लेते समय उसके सही और पूर्ण स्वरूप का ध्यान रखें। प्रतिमा कहीं से टूटी या खंडित नहीं होनी चाहिए। मान्यता के अनुसार मूषक के साथ और हाथ में मोदक लिए हुए गणपति की प्रतिमा घर के लिए शुभ मानी जाती है। प्रतिमा में भगवान गणेश का एक हाथ आशीर्वाद मुद्रा में हो तो इसे भी मंगलकारी माना जाता है।
बप्पा के सामने सात्विकता बनाए रखें
गणपति के घर में विराजमान रहने तक वातावरण को सात्विक रखने की परंपरा है। इस दौरान परिवार में शुद्ध और सात्विक भोजन बनाने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए।
घर को लंबे समय तक खाली न छोड़ें
अगर आपने डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन या 10 दिनों के लिए गणपति स्थापना की है तो इस अवधि में घर को पूरी तरह खाली छोड़ने से बचें। मान्यता है कि बप्पा के घर में रहने तक वहां नियमित पूजा और दीप प्रज्वलित होना चाहिए। इसलिए घर में किसी न किसी सदस्य की मौजूदगी रखना बेहतर माना जाता है।
रोज करें गणपति की पूजा
घर में गणपति की स्थापना करने के बाद नियमित रूप से पूजा-पाठ करें। सुबह-शाम आरती करने के साथ अपनी परंपरा के अनुसार भगवान को भोग अर्पित करें। गणेश जी को मोदक प्रिय माना जाता है, इसलिए पूजा में मोदक का भोग जरूर लगाया जाता है।
गणेश जी को तुलसी न चढ़ाएं
गणेश पूजा में तुलसी दल चढ़ाने की परंपरा नहीं है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को दूर्वा, लाल फूल और शमी पत्र अर्पित किए जाते हैं। पूजा सामग्री चुनते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए।
घर के लिए कैसी सूंड वाली प्रतिमा शुभ?
कई धार्मिक और वास्तु मान्यताओं में घर में स्थापना के लिए बाईं ओर मुड़ी सूंड वाले गणेश जी को शुभ माना जाता है। वहीं दाईं ओर मुड़ी सूंड वाली प्रतिमा की पूजा के लिए विशेष नियमों का पालन करने की बात कही जाती है। इसलिए गृहस्थ लोग आमतौर पर बाईं ओर सूंड वाली प्रतिमा को प्राथमिकता देते हैं।
मिट्टी की प्रतिमा को दें प्राथमिकता
गणपति स्थापना के लिए मिट्टी से बनी प्रतिमा को पर्यावरण और धार्मिक परंपरा, दोनों दृष्टि से अच्छा विकल्प माना जाता है। प्लास्टिक जैसी सामग्री से बनी प्रतिमाओं की जगह मिट्टी की प्रतिमा लेना बेहतर माना जाता है।
प्रतिमा के रंग का भी रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सिंदूरी, पीले और सफेद रंग की गणेश प्रतिमाएं शुभ मानी जाती हैं। हालांकि प्रतिमा का चयन करते समय सबसे जरूरी बात श्रद्धा, स्वच्छता और पूजा की सही विधि का ध्यान रखना है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।