मुंबई। गणेश उत्सव में भव्य पंडाल, सजावट और आभूषणों से सजी प्रतिमाएं देखना आम है, लेकिन इस बार मुंबई में विराजे गणपति बप्पा ने देशभर में सुर्खियां बटोरी हैं। यहां गणपति का इतना भव्य श्रृंगार किया गया है कि 450 करोड़ रुपए का बीमा कराना पड़ा। सैकड़ों किलो सोना-चांदी से सजाए गए इन गणपति को देश का सबसे अमीर गणपति कहा जा रहा है। इस बीमा में केवल आभूषण ही नहीं बल्कि सेवकों और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया गया है।
सोना-चांदी से बना भव्य श्रृंगार
मुंबई के माटुंगा इलाके में स्थापित गणपति प्रतिमा का श्रृंगार 67 किलो सोने के आभूषणों से किया गया है। वहीं, जिस चांदी के सिंहासन पर गणपति बप्पा विराजमान हैं, उसका वजन करीब 350 किलो है। इस अद्वितीय श्रृंगार को देखते हुए मंडल ने इस बार 450 करोड़ रुपए का बीमा कराया है, जो अब तक का सबसे बड़ा है।
बीमा में शामिल खास प्रावधान
बीमा केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है। इसमें मंडल के स्वयंसेवकों, पुजारियों, रसोइयों और सुरक्षा कर्मियों का दुर्घटना बीमा भी शामिल है। इसके अलावा पब्लिक लायबिलिटी इंश्योरेंस और किसी भी प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान का प्रावधान भी रखा गया है।
पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान
यह मंडल केवल भव्य श्रृंगार के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता के लिए भी जाना जाता है। यहां गणपति की प्रतिमा शाडू मिट्टी से बनाई जाती है, जो पूरी तरह इको-फ्रेंडली है। साथ ही प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाता है और पूजा में पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाए जाते हैं, जिससे उत्सव का सांस्कृतिक स्वरूप और अधिक जीवंत हो जाता है।
श्रद्धा और आस्था का केंद्र
यहां स्थापित गणपति के बारे में मान्यता है कि उनकी एक झलक भर देखने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। 10 दिन तक चलने वाले गणेश उत्सव के दौरान रोजाना विशेष पूजा होती है। परंपरा के अनुसार पूजा के बाद पंडाल में नारियल तोड़ा जाता है और भक्तों को इसे प्रसाद स्वरूप प्रदान किया जाता है।