साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में घुमाने वाले म्यूल अकाउंट नेटवर्क के खिलाफ ईस्ट जिला साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों सनी, जैद और गनी खान को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर साइबर ठगी से हासिल रकम को अपने बैंक खातों में मंगाने के साथ बैंक खाता खोलने की किट, एटीएम कार्ड और अन्य खाता संबंधी सामग्री उपलब्ध कराने के नेटवर्क से जुड़े थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक मारुति सुजुकी ब्रेजा कार बरामद की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मामले की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मैनपुरी निवासी गोपाल कृष्ण की शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने फेसबुक पर सूखे मेवों का विज्ञापन देखकर ऑनलाइन ऑर्डर किया था। बाद में व्हाट्सऐप के जरिये कथित ठगों ने उनसे संपर्क किया और ऑर्डर डिलीवर नहीं होने की बात कहकर रिफंड दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों के बताए तरीके का पालन करते ही उनके बैंक खाते से 47,971 रुपये की अनधिकृत निकासी हो गई।
लेनदेन की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं
शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने रकम के लेनदेन की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। बैंक रिकॉर्ड, एटीएम निकासी, मोबाइल डेटा और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में ठगी की रकम का एक हिस्सा त्रिलोकपुरी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते में पहुंचने का पता चला। यह खाता आरोपी सनी के नाम पर था। पुलिस के अनुसार, इसी खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में किया जा रहा था। इसके बाद रकम एटीएम के जरिये निकाली गई।
निजामुद्दीन इलाके के पास से पकड़ा गया
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को ऐसे अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिली, जो दिल्ली से बैंक खाता खोलने की किट, एटीएम कार्ड और अन्य सामग्री एकत्र करके नेटवर्क तक पहुंचाने में कथित तौर पर शामिल थे। इसके आधार पर पुलिस ने जैद और गनी खान की पहचान की। दोनों को निजामुद्दीन इलाके के पास से पकड़ा गया। पूछताछ और जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपितों के पास से एक सफेद रंग की मारुति सुजुकी ब्रेजा भी जब्त की है। जांच के मुताबिक, इस वाहन का इस्तेमाल दिल्ली आकर बैंक खाता खोलने से संबंधित किट और अन्य सामग्री एकत्र करने के लिए किया जाता था।
रकम मंगाने की बात स्वीकार की
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में सनी ने कथित तौर पर कमीशन के बदले अपने पीएनबी खाते में साइबर ठगी की रकम मंगाने की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया कि नेटवर्क में अलग-अलग लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। कुछ लोग म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने, कुछ एटीएम कार्ड और खाता खोलने की किट जुटाने, जबकि अन्य लोग ठगी की रकम निकालकर आगे पहुंचाने का काम करते थे। ईस्ट जिला साइबर थाना पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन में मौजूद चैट, संपर्क नंबर, डिजिटल लेनदेन और बैंक खाते से जुड़ी सामग्री की जांच कर रही है। पुलिस का लक्ष्य ठगी की पूरी रकम का ट्रेल खंगालने के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य म्यूल खातों और आरोपितों की पहचान करना है।