Ganga Dussehra 2026: आज देशभर में गंगा दशहरा का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि मान्यता है कि इसी तिथि पर मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व पापों से मुक्ति और पुण्य प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है। गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-पाठ के लिए भक्त सुबह से ही घाटों पर पहुंच रहे हैं।
क्या है गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं। माना जाता है कि गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है। यही कारण है कि इस पर्व को “दशहरा” कहा जाता है। इस दिन लोग गंगा नदी या किसी पवित्र जलाशय में स्नान कर भगवान शिव और मां गंगा की पूजा करते हैं। कई लोग इस अवसर पर व्रत रखकर भी पुण्य प्राप्ति की कामना करते हैं।
स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
इस बार गंगा दशहरा पर सुबह का समय स्नान और पूजा के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। ब्रह्म मुहूर्त से लेकर पूर्वाह्न तक गंगा स्नान करना अत्यंत फलदायी माना गया है। श्रद्धालु सूर्योदय के समय जल में डुबकी लगाकर सूर्य देव को अर्घ्य दे रहे हैं। इसके साथ ही गरीबों को अन्न, वस्त्र, जल, छाता और फल का दान करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए दान से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
पूजा विधि और जरूरी बातें
गंगा दशहरा के दिन सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मां गंगा का ध्यान करें। इसके बाद दीप, धूप, फूल और अक्षत अर्पित कर पूजा करें। “ॐ नमः शिवाय” और गंगा स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। यदि गंगा नदी तक जाना संभव न हो तो घर में ही स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर पूजा की जा सकती है। पूजा के बाद जरूरतमंदों को दान देना इस पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
सकारात्मक ऊर्जा और पुण्य का पर्व
गंगा दशहरा केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं बल्कि आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग अपने मन और कर्म को पवित्र रखने का संकल्प लेते हैं। मान्यता है कि मां गंगा की कृपा से जीवन की नकारात्मकता दूर होती है और सुख-शांति का आशीर्वाद मिलता है। इसलिए इस पावन अवसर पर श्रद्धा, सेवा और दान का विशेष महत्व बताया गया है।