मेरठ। रंगदारी और गैंगस्टर के मुकदमे में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अमित मरिंडा व वंश चौधरी की पुलिस ने स्पेशल सीजेएम व गैंगस्टर कोर्ट में पेश किया। दोनों पिछले नौ महीने से लॉरेंस बिश्नोई के नाम से व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा जेल में बंद है। दोनों मेरठ पुलिस सोमवार को वहां से लेकर आई थी। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों को जिला कारागार में रखा गया है।
नौचंदी थाना क्षेत्र के आरटीओ रोड निवासी अमित मिरिंडा पिछले 15 वर्ष से अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा है। अमित पर हत्या, रंगदारी, दुष्कर्म, हथियार सप्लाई आदि के 30 मुकदमे दर्ज है। मेडिकल थाने में डी-155 नाम से उसका गैंग रजिस्टर्ड है और नौचंदी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। वर्ष 2025 में अमित मिरिंडा ने अपने साथी वंश चौधरी संग मिलकर बेंगलुरु में एक व्यापारी से लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। 16 मई 2025 को बेंगलुरु व दिल्ली पुलिस ने संयुक्त रूप से अमित मिरिंडा व वंश चौधरी को गिरफ्तार किया था। तब से दोनों बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा जेल में बंद है।
मेडिकल, नौचंदी व लोहिया नगर थाने में दर्ज मुकदमों में वांछित होने के चलते सोमवार को सीओ कोतवाली की टीम दोनों को बेंगलुरु से रिमांड पर लेकर आई। पुलिस ने दोनों को स्पेशल सीजेएम व गैंगस्टर कोर्ट में पेश किया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में पुलिस ने दोनों जिला कारागार भेज दिया। सीओ कोतवाली अभिषेक पटेल ने बताया, अमित मिरिंडा व वंश चौधरी को 24 अप्रैल को वापस बेंगलुरु जेल भेजा जाएगा। तब तक दोनों को जिला कारागार में रहेंगे।