भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई अध्यक्ष रह चुके सौरव गांगुली ने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर पर सीधा सवाल दाग दिया। गांगुली ने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि आखिर मोहम्मद शमी भारतीय टीम के लिए क्यों नहीं खेल सकते। शमी घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम इंडिया में जगह नहीं मिल रही। गांगुली के इस बयान के बाद चयन प्रक्रिया पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
घरेलू क्रिकेट में शमी का जोरदार प्रदर्शन
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शमी ने सिर्फ तीन मैचों में 11 विकेट चटकाकर जोरदार वापसी की है। इससे पहले रणजी ट्रॉफी में भी उन्होंने शानदार गेंदबाजी की थी। यह प्रदर्शन साफ दिखाता है कि शमी फिट हैं और रिदम में भी हैं। गांगुली ने कहा कि शमी वही खिलाड़ी हैं जिन्हें दुनिया उनकी स्किल के लिए जानती है, इसलिए उन्हें टीम से बाहर रखने का कोई कारण नहीं दिखता।
गांगुली का समर्थन- शमी हर फॉर्मेट खेलने के काबिल
सीएबी अध्यक्ष के रूप में गांगुली ने साफ कहा कि चयनकर्ता शमी की फॉर्म और फिटनेस देख रहे होंगे, लेकिन वह खुद मानते हैं कि शमी सभी फॉर्मेट टेस्ट, वनडे और टी20 में खेलने की क्षमता रखते हैं। गांगुली ने यह भी कहा कि चयनकर्ताओं और शमी के बीच बातचीत जरूर होती होगी, लेकिन पैरामीटर वही फिटनेस और स्किल हैं और इन दोनों में शमी टॉप लेवल पर हैं।
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इसे भी पचोट से वापसी के बावजूद क्यों बाहर हैं शमी?
2023 वनडे विश्व कप के बाद शमी टखने की चोट से जूझ रहे थे। हालांकि बाद में उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार वापसी करते हुए 5 मैचों में 9 विकेट लिए। इसके बावजूद उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी या बाद की सीरीज में शामिल नहीं किया गया। लगातार बाहर बैठे शमी को लेकर अब सवाल उठने स्वाभाविक हैं। गांगुली के बयान के बाद माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं पर अब दबाव बढ़ सकता है कि वे शमी को टीम में वापसी का मौका दें।