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Crime News: गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने एक बड़े गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये तस्कर पुलिस से बचने के लिए एक अनोखा तरीका अपना रहे थे, जिसमें वे ग्रेनाइट पत्थरों के बीच भारी मात्रा में गांजा छिपाकर तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से करीब 40 लाख रुपये कीमत का 164 किलो गांजा बरामद किया है। यह गिरोह आंध्र प्रदेश और ओडिशा से गांजा लाकर दिल्ली-एनसीआर में बेचता था।
तस्करी का अनोखा तरीका
बता दें कि तस्करों ने गांजे की तेज गंध को छिपाने और पुलिस की नजर से बचने के लिए एक नया तरीका अपनाया था। वे ट्रक में ग्रेनाइट पत्थर लोड करते थे और उनके बीच में गांजे के पैकेट छिपा देते थे। इस बार, वे आंध्र प्रदेश के निम्मड़ा स्थित एक फैक्ट्री से जयपुर के लिए ग्रेनाइट पत्थर लेकर निकले थे, लेकिन रास्ते में ओडिशा में हाथरस निवासी अरविंद किशोर उर्फ टोनी से 164 किलो गांजा खरीदकर पत्थरों के बीच छिपा दिया। वे करीब 1600 किलोमीटर का सफर तय करके ग्रेटर नोएडा तक पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता से पकड़े गए।
दो तस्कर गिरफ्तार, पुराना रिकॉर्ड
इकोटेक-3 पुलिस और सीआरटी टीम ने खेड़ा चौगानपुर गोल चक्कर के पास इस ट्रक को रोका और जांच के दौरान 6 प्लास्टिक के कट्टों में रखे 31 पैकेट गांजा बरामद किया। गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान हाथरस के थाना सिकंद्राराऊ निवासी योगेंद्र और एटा के पिलवा थाना क्षेत्र निवासी अलीहसन के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों 2018 से गांजा तस्करी में शामिल हैं। इन्हें 2020 में भी गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जहां से जमानत पर बाहर आने के बाद इन्होंने दोबारा यह धंधा शुरू कर दिया था।
पांच अन्य आरोपियों के बताए नाम
डीसीपी सेंट्रल शक्ति मोहन अवस्थी ने इस गिरोह का खुलासा करते हुए बताया कि दोनों आरोपियों ने एनसीआर में गांजा तस्करी की बात स्वीकार कर ली है। उन्होंने यहां गांजा खपाने वाले करीब पांच अन्य आरोपियों के नाम भी बताए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।