नोएडा। उत्तर प्रदेश पुलिस के महत्वाकांक्षी अभियान 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत गौतमबुद्धनगर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। थाना कासना में वर्ष 2015 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के एक पुराने मामले में माननीय न्यायालय ने कुख्यात माफिया सुंदर भाटी और उनके 9 साथियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 9 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक अभियुक्त पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा न करने पर अतिरिक्त 2 महीने की सजा भुगतनी होगी।
अभियुक्तों में मुख्य नाम सुंदर भाटी (पुत्र हुकम सिंह, घंघोला) का है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात गैंगस्टर माना जाता है। उसके अलावा सिंहराज, विकास पंडित, योगेश, ऋषिपाल, बॉबी उर्फ शेरसिंह, सोनू, यतेन्द्र चौधरी, अनूप भाटी और दिनेश भाटी को भी यही सजा सुनाई गई है।
यह मामला मुकदमा संख्या 44/2015, धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट से संबंधित है।पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की थाना कासना पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन इकाई की प्रभावी पैरवी के कारण यह सजा संभव हो सकी। पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में चल रहे अभियान ने पुराने लंबित मामलों में तेजी से दोषसिद्धि सुनिश्चित की है।
सुंदर भाटी पर हत्या, फिरौती और अन्य गंभीर अपराधों के 60 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले भी कई मामलों में सजा पा चुका है और हाल के वर्षों में उसकी गैंग की गतिविधियां चर्चा में रही हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि चिह्नित माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।यह सजा 'ऑपरेशन कन्विक्शन' की सफलता का प्रतीक है, जो यूपी पुलिस द्वारा 2023 से चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत हजारों अपराधियों को तेजी से सजा दिलाई जा चुकी है, जिससे अपराधियों में दहशत और आमजन में विश्वास बढ़ा है। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने माफिया और गैंगस्टरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम जारी रखने का संकल्प लिया है।