
Up News: गौतमबुद्ध नगर जिला, जिसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण शामिल हैं, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख शक्ति केंद्र के रूप में उभर कर सामने आया है। यह जिला न केवल राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में महत्वपूर्ण हिस्सा रखता है, बल्कि मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी भारत का एक अग्रणी केंद्र बन चुका है। नोएडा, विशेष रूप से, मोबाइल निर्माण के हब के रूप में उभरा है, जिसने स्थानीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। निस्संदेह गौतमबुद्धनगर को यूपी का गोल्डन डिस्ट्रिक्ट कहा जा सकता है जो यूपी की कुल जीएसडीपी का 10.30 प्रतिशत है। गौतमबुद्ध नगर के आर्थिक योगदान के साथ-साथ नोएडा के मोबाइल हब की इकाइयों के आंकड़ों और उनके विकास पर एक नजर
गौतमबुद्ध नगर का आर्थिक योगदान
नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर का जिला घरेलू उत्पाद (DDP) 2.64 लाख करोड़ रुपये है, जो राज्य के कुल GSDP का 10.30% है। यह जिला उत्तर प्रदेश का सबसे समृद्ध और विकसित जिला है, जो लखनऊ (5.53%) और गाजियाबाद (4.57%) से कहीं आगे है। 2023-24 में यूपी का GSDP 25.63 लाख करोड़ रुपये रहा, और 2024-25 में इसके 29.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें गौतमबुद्ध नगर की भूमिका केंद्रीय है। जिले की प्रति व्यक्ति आय 2024-25 में 10.17 लाख रुपये है, जो राष्ट्रीय औसत (1.84 लाख रुपये) से लगभग पांच गुना अधिक है और जापान जैसे विकसित देशों से भी आगे है। निर्यात के मामले में, गौतमबुद्ध नगर ने 2024-25 में 94,272 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जो गाजियाबाद (14,949 करोड़ रुपये) और कानपुर (10,401 करोड़ रुपये) से कहीं अधिक है। यह जिला राज्य सरकार को सबसे अधिक कर राजस्व प्रदान करता है, जिसमें शहरी स्थानीय निकायों का राजस्व 2024-25 में 5,568 करोड़ रुपये तक पहुंचा।
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का उभरता हब
नोएडा और ग्रेटर नोएडा ने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत को वैश्विक मंच पर स्थापित किया है। नोएडा को "मोबाइल निर्माण का गढ़" कहा जाता है, और यहाँ की इकाइयों ने उत्पादन क्षमता, रोजगार सृजन, और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।
मोबाइल हब की इकाइयों के आंकड़े उत्पादन क्षमता
नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में प्रतिवर्ष 14 करोड़ स्मार्टफोन का निर्माण होता है, जो भारत में निर्मित कुल स्मार्टफोनों का एक बड़ा हिस्सा है। सैमसंग का नोएडा में दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है, जो प्रतिवर्ष 12 करोड़ हैंडसेट का उत्पादन करता है। लावा, ओप्पो, वीवो, और शाओमी जैसी कंपनियों की इकाइयां भी यहाँ स्थापित हैं, जो सामूहिक रूप से भारत के मोबाइल उत्पादन का 30% से अधिक हिस्सा संभालती हैं।
इकाइयों की संख्या
नोएडा में 100 से अधिक मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां सक्रिय हैं। हाल ही में लावा ने सेक्टर-58 में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू किया, जो स्मार्टफोन और आईफोन के लिए समर्पित है। फॉक्सकॉन ने ग्रेटर नोएडा में एक नया प्लांट स्थापित किया है, जो 4,000 से अधिक रोजगार सृजित करेगा।
नई योजनाएं
नोएडा प्राधिकरण की 218वीं बोर्ड बैठक (14 जून 2025) में सेक्टर-164 को मोबाइल और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 6 बड़े प्लॉट आरक्षित किए गए हैं। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में 3.3 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 4.5 लाख रोजगार के अवसरों की उम्मीद है, जिसमें मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स इकाइयां प्रमुख हैं।