थाना रबूपुरा पुलिस ने नाबालिग लड़की के अपहरण के केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। साथ ही अपहृता (17 वर्ष) को सकुशल बरामद कर लिया गया है। इस मामले में पहले से चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। पूछताछ से पता चला कि यह अपहरण नहीं, बल्कि प्रेम संबंध का मामला था, जिसमें उम्र की कानूनी बाधा के चलते दो शादियां कराई गईं, लेकिन लड़की मुख्य आरोपी के साथ ही रह रही थी।
लड़की को बहला-फुसलाकर ले गए
पुलिस के अनुसार, 28 सितंबर 2025 को पीड़िता के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें आरोप था कि हिमांशु, दीपक उर्फ कल्ली और वंश त्यागी आदि 17 वर्षीय लड़की को बहला-फुसलाकर ले गए थे। बाद में धाराएं बढ़ाकर 87, 142, 64 बीएनएस और 5/6/16/17 पॉक्सो एक्ट भी जोड़ी गईं। पुलिस ने पहले रविंद्र भाटी, दीपक उर्फ कल्ली, सौरभ और ब्रजेश को गिरफ्तार किया था।
गाजियाबाद कोर्ट में भी शादी रजिस्टर्ड
6 दिसंबर को शिवा ढाबा के सामने यमुना एक्सप्रेस-वे से हिमांशु भाटी (18 वर्ष), बॉबी भाटी (42 वर्ष), अंकुश भाटी उर्फ राजा (19 वर्ष), चिराग ठाकुर (21 वर्ष) और पदम सिंह (45 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।पूछताछ में अपहृता ने बताया कि वह हिमांशु से प्यार करती है और 27 सितंबर 2025 को स्वेच्छा से उसके साथ चली गई थी। उस समय वह नाबालिग थी। 17 नवंबर 2025 को इलाहाबाद के एक मंदिर में सौरभ, बॉबी भाटी, पदम सिंह, अंकुश और चिराग की मौजूदगी में हिमांशु और उसने माला डालकर शादी की। लेकिन कोर्ट मैरिज के लिए वकील ने हिमांशु की उम्र (21 वर्ष पूरी न होने) के कारण मना कर दिया। तब सौरभ, बॉबी भाटी, पदम सिंह, अंकुश और हिमांशु ने सुझाव दिया कि कानूनी रूप से चिराग से शादी कर लो, लेकिन रहना हिमांशु के साथ। 27 नवंबर 2025 को गाजियाबाद के आर्य समाज मंदिर में चिराग से शादी हुई, और 4 दिसंबर 2025 को गाजियाबाद कोर्ट में भी शादी रजिस्टर्ड हुई।
4 मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो गाड़ी
हिमांशु ने अपहृता की बातों का समर्थन किया और कहा कि वे दोनों प्यार में हैं, लेकिन उम्र कम होने से कोर्ट मैरिज नहीं हो सकी। इसलिए कानूनी रूप से चिराग से शादी कराई गई, लेकिन अपहृता उसके साथ ही उसकी बुआ ब्रजेश ठाकुर और फूफा पदम सिंह के घर गाजियाबाद में रह रही थी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 4 मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो गाड़ी (बिना नंबर प्लेट) बरामद की है।
इस मामले में कई एंगल सामने आ रहे हैं। एक ओर यह प्रेम संबंध का मामला लगता है, लेकिन नाबालिग होने के कारण पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन स्पष्ट है। परिवार की भूमिका भी संदिग्ध है, जहां उम्र की बाधा को बायपास करने के लिए दो शादियां कराई गईं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिग की सहमति भी मान्य नहीं होती, और यह बाल विवाह का रूप ले सकता है। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, और अभियुक्तों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है।