
प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए इस दीपावली पर पटाखे जलाने का समय बेहद सीमित कर दिया गया है। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत केवल ग्रीन पटाखों को 18 अक्टूबर और 20 अक्टूबर तक प्रत्येक दिन सुबह और शाम मिलाकर कुल 3 घंटे की अनुमति दी है। इससे त्योहार की रौनक तो बरकरार रहेगी, लेकिन पर्यावरण और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए रात भर पटाखों की आतिशबाजी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में जारी आदेशों के अनुसार, 19 और 20 अक्टूबर 2025 को पटाखे जलाने का समय निर्धारित किया गया है:
सुबह: 6 बजे से 7 बजे तक (केवल 1 घंटा)
शाम: 8 बजे से 10 बजे तक (2 घंटे)
कुल मिलाकर प्रतिदिन सिर्फ 3 घंटे की इजाजत दी गई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है। पुलिस का कहना है कि इससे वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, खासकर दिल्ली-एनसीआर जैसे क्षेत्रों में जहां दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो जाता है। केवल ग्रीन पटाखे (जो कम धुआं और कम प्रदूषण फैलाते हैं) ही जलाए जा सकेंगे, और वह भी निर्देशित समय के अंदर।इस सीमित समयावधि के पीछे का मुख्य उद्देश्य रात के समय होने वाली भारी आतिशबाजी को रोकना है, क्योंकि रात में प्रदूषण कण हवा में ज्यादा देर तक टिकते हैं और स्वास्थ्य समस्याएं जैसे अस्थमा, सांस की तकलीफ बढ़ाते हैं। पुलिस उपायुक्तों को लाइसेंस जारी करने और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बिक्री केवल 18 से 20 अक्टूबर तक और निर्दिष्ट स्थानों पर होगी, जहां अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य है।नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस 3 घंटे की छूट का सम्मान करें और नियमों का उल्लंघन न करें। उल्लंघन करने वालों का लाइसेंस रद्द होगा और कानूनी कार्रवाई होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बच्चों, बुजुर्गों और प्रदूषण संवेदनशील लोगों के लिए राहत भरा है, लेकिन पटाखा विक्रेताओं और उत्सव प्रेमियों के लिए चुनौतीपूर्ण। पुलिस टीमें पूरे क्षेत्र में गश्त करेंगी ताकि समय सीमा का सख्त पालन हो।पर्यावरण प्रेमी इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे त्योहार की खुशी पर अंकुश मान रहे हैं। पुलिस ने कहा, "हम त्योहार की भावना को समझते हैं, लेकिन सुरक्षा और पर्यावरण पहले।" इस दीपावली को इको-फ्रेंडली बनाएं और सीमित समय में ही आनंद लें।