
गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने गाजियाबाद के टाइल्स व्यापारी मनीष गुप्ता के बेटे शशांक गुप्ता के अपहरण कांड का पर्दाफाश करते हुए 5 दिन के गहन ऑपरेशन में शशांक को सकुशल बरामद कर लिया। इस ऑपरेशन में 45 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम ने निगरानी की और तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया। पुलिस मुठभेड़ में 5 अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 2 घायल हुए, जबकि 2 अभी फरार हैं। यह अपहरण कर्ज के जाल से मुक्त होने के लिए किया गया था। अपहत युवक को कन्नौज के छिबरामऊ के निकट एक गांव में ले जाकर रखा गया था। इसके लिए 4 करोड़ की फिरौती मांगी गई थी।
यह खुलासा डीसीपी ग्रेटर नोएडा साद मियां खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।साजिश का जाल: दोस्ती का बहाना, 4 करोड़ की फिरौतीमुख्य आरोपी निमय शर्मा (नोएडा, सेक्टर 16सी) और आलोक यादव (कन्नौज) पर भारी कर्ज था। निमय ने मनीष गुप्ता के टाइल्स शोरूम से सामान खरीदते समय उनके बेटे शशांक को देखा और अपहरण की योजना बनाई ताकि फिरौती से कर्ज उतारा जा सके। निमय और आलोक ने अपनी दोस्त निशा उर्फ प्रीती (फरार) को शामिल किया, जिसने शशांक को फोन कर दोस्ती का नाटक रचा।9 सितंबर 2025 को प्रीती ने शशांक को मिलने बुलाया। शशांक अपनी बलेनो कार (यूपी 14 डीसी 8484) से आया। प्रीती कार में बैठी, और पीछे से निमय, आलोक, मोहित गुप्ता, अंकित (फरार), और सुमित एक्सयूवी 3XO कार में थे। प्रीती ने बहाना बनाकर कार रुकवाई, फिर मोहित, अंकित और सुमित ने शशांक को काबू कर लिया। शशांक को कन्नौज के छिबरामऊ थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर में श्याम सुंदर (मोहित का मामा) के खाली मकान में बंद किया गया। अपहरणकर्ताओं ने चोरी के मोबाइल नंबरों से मनीष गुप्ता से 4 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी।5 दिन का ऑपरेशन, 45 पुलिसकर्मियों की निगरानी9 सितंबर को शशांक की बलेनो कार यमुना एक्सप्रेसवे पर लावारिस मिलने और दादा की तहरीर के आधार पर थाना दनकौर में मुकदमा (244/25, धारा 140(3) बीएनएस) दर्ज हुआ।
पुलिस ने तुरंत 45 सदस्यों की विशेष टीम गठित की, जिसमें थाना दनकौर, स्वाट, ईकोटेक-1 और बीटा-2 की टीमें शामिल थीं। सर्विलांस और तकनीकी निगरानी से अपहरणकर्ताओं की गतिविधियां ट्रैक की गईं।14 सितंबर को फिरौती की डील 50 लाख पर तय हुई। अपहरणकर्ताओं ने मनीष को जेवर के रामनेर रजवाहा के पास बुलाया। पुलिस ने लोकेशन ट्रैक कर घेराबंदी की। मुठभेड़ में अपहरणकर्ताओं ने पुलिस पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में मोहित गुप्ता (फर्रुखाबाद) और आलोक यादव (कन्नौज) के पैर में गोली लगी। तीन अन्य—निमय शर्मा (नोएडा), श्याम सुंदर (कन्नौज), और सुमित कुमार (फर्रुखाबाद)—को गिरफ्तार किया गया। शशांक को सकुशल बरामद कर लिया गया।बरामदगी और फरार आरोपीपुलिस ने एक्सयूवी 3XO कार, दो .315 बोर तमंचे, 3 जिंदा और 2 खोखा कारतूस, और फिरौती के लिए इस्तेमाल मोबाइल-सिम बरामद किए। अंकित और निशा उर्फ प्रीती फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
डीसीपी का बयानडीसीपी साद मियां खान ने कहा, "5 दिन की सतर्क निगरानी और 45 पुलिसकर्मियों की मेहनत से हमने शशांक को सुरक्षित बरामद किया। यह अपहरणकर्ताओं की कर्ज चुकाने की साजिश थी, जिसे हमने नाकाम कर दिया। फरार आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा।"मुकदमा धारा 364, 384, 506 और अन्य धाराओं के तहत दर्ज है।