श्रावण मास की पवित्र कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से शुरू होने जा रही है और 9 अगस्त तक चलेगी। जिसमें लाखों की संख्या में शिवभक्त जल लेकर अपने-अपने इलाकों के शिव मंदिरों की ओर निकलेंगे। इस दौरान सबसे अहम सवाल यात्रा की सुरक्षा और सुविधा को लेकर उठता है। इसी को ध्यान में रखते हुए गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने इस बार पूरी तैयारी कर ली है। पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह की अगुवाई में 'कांवड़ सेल' का गठन किया गया है, जो यात्रा की हर जरूरत को सुचारु रूप से संभालेगा।
14 प्रमुख रूट चिन्हित, सुरक्षा पुख्ता
कांवड़ियों के मार्ग में कोई रुकावट न हो, इसके लिए पुलिस ने 14 प्रमुख रास्तों की पहचान की है। इनमें चिल्ला रेड लाइट से कालिन्दी कुंज, शाहबेरी से भाईपुर शिव मंदिर और गाजियाबाद से बुलंदशहर जैसे रूट शामिल हैं। इन सभी रास्तों पर ट्रैफिक और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं।
बड़े पैमाने पर पुलिस फोर्स की तैनाती
इस बार सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त और सुव्यवस्थित बनाया गया है। इसके तहत तैनात सुरक्षा बल में 6 डीसीपी, 8 एडीसीपी, 18 एसीपी, 38 इंस्पेक्टर, 371 सब-इंस्पेक्टर, 773 कांस्टेबल/हेड कांस्टेबल, 103 महिला कांस्टेबल, 119 महिला कांस्टेबल (विशेष रूप से महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए)को शामिल किया गया है। इसके अलावा, ट्रैफिक व्यवस्था के लिए भी अलग से टीमें बनाई गई हैं, जिनमें 7 ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 13 सब-इंस्पेक्टर और 216 कांस्टेबल शामिल हैं।
अस्थायी चौकियां, क्यूआरटी और हाईटेक निगरानी
यात्रा मार्ग में 16 अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई हैं, जिन पर 35 सब-इंस्पेक्टर और 29 कांस्टेबल तैनात रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 28 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को तैयार रखा गया है। सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। साथ ही सेक्टर-94 में बने आईएसटीएमएस कंट्रोल रूम से 24x7 निगरानी की जाएगी, ताकि हर हलचल पर पुलिस की नजर बनी रहे।
शिविरों और जल मार्गों पर भी सतर्कता
कांवड़ यात्रा के दौरान पड़ने वाले 95 शिविरों के आयोजकों को साफ दिशा-निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नहरों के पास डूबने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए गोताखोरों की तैनाती और समन्वय भी सुनिश्चित किया गया है।
हर ज़रूरत पर ध्यान: मेडिकल से लेकर पब्लिक अनाउंसमेंट तक
डायल-112 की 44 चार पहिया और 32 दोपहिया गाड़ियां राउंड द क्लॉक गश्त करेंगी। इसके साथ ही पीए सिस्टम, पीसीआर और पीआरवी वाहनों से यात्रियों को लगातार सूचना दी जाएगी। रूट्स पर सांकेतिक बोर्ड और चेतावनी चिन्ह भी लगाए गए हैं। आपातकालीन स्थिति के लिए फायर टेंडर और बाढ़ राहत टीमें भी तैयार रखी गई हैं।
पुलिस कमिश्नर का संदेश
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा है, कि “कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना हमारी प्राथमिकता है। हर विभाग अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और लगातार निरीक्षण व जनसंवाद के जरिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।”
गौतमबुद्धनगर पुलिस प्रशासन की यह मुहिम यह बताती है कि कांवड़ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जन आस्था का महापर्व है। और प्रशासन इसे पूरी गंभीरता और श्रद्धा से देख रहा है। यदि आप भी इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं, तो नियमों का पालन करें और किसी भी समस्या में पुलिस से बेहिचक संपर्क करें- यात्रा आपकी है, सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी।