गुवाहाटी टेस्ट में मिली 408 रनों की करारी हार ने भारतीय क्रिकेट में हड़कंप मचा दिया है। 25 साल बाद भारत अपने घर में साउथ अफ्रीका से टेस्ट सीरीज 0-2 से हार गया। ये हार सिर्फ हार नहीं, बल्कि टीम इंडिया की रणनीति, चयन और मैनेजमेंट की बड़ी विफलता का प्रमाण बनकर सामने आई। बल्लेबाजी पहले दिन से लड़खड़ाई, गेंदबाजी में धार नहीं दिखी और फील्डिंग भी ढीली नजर आई। इस ऐतिहासिक हार के बाद सबसे ज्यादा निशाने पर आए टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर। क्रिकेट एक्सपर्ट्स, फैंस और कई पूर्व खिलाड़ियों ने गंभीर की गलत नीतियों को इस नतीजे की वजह बताया।
गंभीर की रणनीति पर सोशल मीडिया पर गुस्सा
भारत की दोनों पारियों में कमजोर बल्लेबाजी ने साफ कर दिया कि टीम का संतुलन पूरी तरह बिगड़ा है। सवाल उठे कि आखिर क्यों सीनियर खिलाड़ियों को बाहर रखा गया? क्यों मिडिल-ऑर्डर में गलत एक्सपेरिमेंट हुए? क्यों गेंदबाजों से बल्लेबाजी कराई गई? इन्हीं फैसलों पर बवाल मच गया और सोशल मीडिया पर गंभीर की रणनीति को लेकर तीखी आलोचना होने लगी। साइमन हार्मर ने अकेले दम पर भारतीय बल्लेबाजी का सफाया किया लेकिन टीम इंडिया के पास कोई ठोस प्लान नहीं दिखा। फैंस ने लिखा कि पहले खिलाड़ियों का करियर बर्बाद हुआ और अब टीम की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई।
कोहली के भाई का पोस्ट बना बड़ा विवाद
हार के बाद विराट कोहली के बड़े भाई विकास कोहली सबसे ज्यादा मुखर दिखे। उन्होंने खुले तौर पर टीम मैनेजमेंट पर सवाल दागे और टीम इंडिया की हार की वजह गंभीर की “दादागिरी” को बताया। उन्होंने लिखा कि एक समय भारत विदेशों में जीतने उतरता था, लेकिन आज घर में मैच बचाने की कोशिश कर रहा है ये बेवजह किए गए बदलावों का नतीजा है। विकास ने टीम चयन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि जब स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों को हटाकर प्रयोग किए जाएंगे तो टीम ऐसे ही बिखरेगी। उनकी ये पोस्ट वायरल हुई और कुछ देर बाद डिलीट कर दी गई, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर आग लग चुकी थी।
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क्या टीम इंडिया को बदलाव की जरूरत है?
गंभीर के आने के बाद भारत ने घर में 9 में से 5 टेस्ट गंवाए हैं और दो बार क्लीन स्वीप झेला है। ये आंकड़े बताते हैं कि समस्या सिर्फ खिलाड़ियों में नहीं बल्कि मैनेजमेंट की दिशा में भी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि टीम इंडिया का संयोजन बिगड़ चुका है और खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव बढ़ गया है। सवाल उठ रहा है कि क्या गंभीर की आक्रामक स्टाइल टीम के लिए भारी पड़ रही है? क्या टीम मैनेजमेंट में बदलाव जरूरी है? गुवाहाटी की हार ने साफ संकेत दे दिया है कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट बदलाव की दहलीज पर खड़ा है, और बीसीसीआई को अब बड़े फैसले लेने ही होंगे।