भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी खबरों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। लगातार वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया है, जिसके चलते उन्हें कानूनी रास्ता अपनाना पड़ा।
कोर्ट में पहुंचा पूरा मामला
गौतम गंभीर ने दिल्ली हाई कोर्ट में केस दर्ज कराया है। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए 2.5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना अनुमति उनके नाम और चेहरे का इस्तेमाल किया गया, जो पूरी तरह गलत है। इस केस के जरिए वह इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाना चाहते हैं।
नई तकनीक से बनाए गए फर्जी वीडियो
शिकायत में बताया गया है कि एआई, फेस स्वैप और आवाज बदलने जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर वीडियो तैयार किए गए। इन वीडियो में उन्हें ऐसे बयान देते हुए दिखाया गया, जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। एक वीडियो में तो उनके इस्तीफे तक की बात दिखाई गई, जिसने लाखों लोगों को भ्रमित कर दिया।
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कई अकाउंट्स के खिलाफ उठाया कदम
गंभीर ने कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इन अकाउंट्स ने जानबूझकर गलत जानकारी फैलाई और इससे फायदा उठाया। उन्होंने कोर्ट से इन अकाउंट्स को तुरंत हटाने और फर्जी कंटेंट बंद करने की मांग की है।
छवि और भरोसे पर पड़ा असर
इस पूरे मामले से उनकी छवि और लोगों का भरोसा प्रभावित हुआ है। फर्जी वीडियो के कारण कई लोग भ्रमित हुए और गलत जानकारी फैली। यही वजह है कि उन्होंने इसे सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि एक गंभीर समस्या बताया है जो किसी के साथ भी हो सकती है।
आगे क्या होगा फैसला अहम
अब इस मामले में कोर्ट का फैसला अहम माना जा रहा है। अगर सख्त कार्रवाई होती है, तो भविष्य में ऐसे मामलों पर लगाम लग सकती है। साथ ही यह मामला सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी के खिलाफ एक बड़ा संदेश भी देगा।