नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाज़ा प्लान को लेकर मुस्लिम दुनिया में गहरी हलचल मच गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ ने इस प्लान का समर्थन करते हुए बयान दिया, लेकिन इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि पाकिस्तान ने "सरेंडर" कर दिया और अमेरिका की चापलूसी में मुसलमानों के हितों को ताक पर रख दिया। इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सख्त चेतावनी दी है कि अगर हमास ने प्रस्ताव को खारिज किया तो इजरायल "काम पूरा" कर देगा।
पाक सरकार पर सवालों की बौछार
पाकिस्तान सरकार की ओर से ट्रंप के प्लान का अप्रत्यक्ष समर्थन सामने आते ही सोशल मीडिया पर विरोध तेज़ हो गया। यूजर्स ने लिखा कि शहबाज शरीफ़ ने मुसलमानों की हत्या पर अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया है। कई लोगों ने इसे पाकिस्तान की विदेश नीति की नाकामी बताया। ट्विटर (एक्स) पर हैशटैग #ShahbazSurrender ट्रेंड करने लगा।
मुस्लिम देशों में खामोशी पर नाराज़गी
कई मुस्लिम यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब गाज़ा में सैकड़ों निर्दोषों की जान जा रही है, तो मुस्लिम दुनिया क्यों चुप है? सऊदी अरब, तुर्की और क़तर जैसे बड़े देशों की चुप्पी ने आम लोगों में और गुस्सा भड़का दिया है। आलोचकों का कहना है कि राजनीतिक हितों और अमेरिका से रिश्तों के दबाव में मुस्लिम देश फ़िलिस्तीन का खुलकर साथ नहीं दे पा रहे।
नेतन्याहू की धमकी
इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ कहा है कि अगर हमास ने शांति प्रस्ताव को खारिज किया तो उनका देश गाज़ा में "काम पूरा" कर देगा। इसका सीधा संकेत है कि हमले और भी तेज़ हो सकते हैं। इस बयान ने मध्य पूर्व की स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है।