Gen Z Reels Trends : भारत में वीडियो देखने का तरीका तेजी से बदल रहा है। खासकर जेन जी के लिए छोटे वीडियो अब रोज की डिजिटल जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। मेटा की ओर से कराए गए आईपीएसओएस अध्ययन के मुताबिक, 89 फीसदी जेन जी रोजाना रील्स पर अलग-अलग तरह का कंटेंट, क्रिएटर्स और नई चीजें देखते हैं।
शहर ही नहीं गांवों में भी बढ़ा वीडियो का चलन
वीडियो देखने का यह चलन अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। अध्ययन के मुताबिक, शहरों में 98 फीसदी और ग्रामीण इलाकों में 94 फीसदी लोग रोजाना वीडियो देखते हैं। यानी छोटे शहरों और गांवों में भी लोग तेजी से वीडियो आधारित कंटेंट से जुड़ रहे हैं।
फैशन से फिटनेस तक सब कुछ रील्स पर
रील्स पर लोगों की पसंद भी काफी अलग-अलग है। ब्यूटी और मेकअप, फैशन और ट्रेंड्स, लाइफस्टाइल, फिटनेस, कॉमेडी और खेल जैसे विषय युवाओं को काफी पसंद आ रहे हैं। ब्यूटी और फैशन दोनों से जुड़े कंटेंट को 52 फीसदी लोगों ने पसंद किया, जबकि लाइफस्टाइल और फिटनेस 42 फीसदी लोगों की पसंद रहा।
अब खरीदारी का फैसला भी वीडियो से
रील्स का असर सिर्फ देखने तक नहीं है। लोग वीडियो देखकर नए उत्पादों के बारे में जानकारी भी ले रहे हैं। अध्ययन के अनुसार, रील्स के जरिए किसी उत्पाद के बारे में पता चलने की संभावना 81 फीसदी ज्यादा है। वहीं खरीदारी के फैसले पर भी इसका असर 47 फीसदी ज्यादा बताया गया है।
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बदल रही है नई पीढ़ी की पसंद
इस अध्ययन में महानगरों के साथ दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों तथा ग्रामीण इलाकों को भी शामिल किया गया। 23 शहरों के 4,000 से ज्यादा लोगों पर किए गए अध्ययन में वीडियो की बढ़ती पहुंच सामने आई। इससे साफ है कि सोशल मीडिया पर छोटे वीडियो अब सिर्फ समय बिताने का जरिया नहीं रह गए हैं। वे नई चीजें खोजने, ट्रेंड समझने और खरीदारी की पसंद बनाने में भी भूमिका निभा रहे हैं। भारत में वीडियो देखने की आदत तेजी से बदल रही है। जेन जी इस बदलाव का बड़ा हिस्सा है। रील्स के जरिए युवा मनोरंजन के साथ फैशन, ब्यूटी, फिटनेस और नए उत्पादों से जुड़ी जानकारी भी हासिल कर रहे हैं। खास बात यह है कि यह चलन अब बड़े शहरों से निकलकर गांवों और छोटे शहरों तक पहुंच चुका है।