
बांग्लादेश की अवामी लीग पार्टी विदेशों में यूनस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। शुक्रवार को जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग मुख्यालय के सामने ऐतिहासिक ‘ब्रोकन चेयर’ स्मारक के करीब एक विरोध रैली और मानव श्रृंखला का आयोजन किया। यह प्रदर्शन मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार के तहत हो रही हत्याओं, आतंकवाद और मानवाधिकार उल्लंघनों के विरोध में किया गया।
मानवाधिकार हनन का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने यूनुस शासन पर देश में व्यापक मानवाधिकार हनन का आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेश और उसके नागरिकों को “फासीवादी यूनुस गिरोह” के कब्जे से मुक्त कराना जरूरी है। यह रैली स्विट्ज़रलैंड शाखा की अवामी लीग की ओर से आयोजित की गई थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष नज़रुल इस्लाम ने की। वहीं इसका संचालन महासचिव श्यामल खान ने किया।
पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे
रैली को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए अवामी लीग की अध्यक्ष और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वर्चुअल भाषण दिया। इसके अलावा, अखिल यूरोपीय अवामी लीग के अध्यक्ष नज़रुल इस्लाम, यूरोप के कई देशों की अवामी लीग इकाइयों के नेता और स्विस अवामी लीग के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।
आयोग के प्रमुख को एक ज्ञापन सौंपा
रैली के समापन को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के प्रमुख को एक ज्ञापन दिया गया। आयोग के एक अधिकारी ने इस दस्तावेज़ को औपचारिक रूप से प्राप्त किया। प्रवासी बांग्लादेशियों की ओर से यह ज्ञापन अखिल यूरोपीय अवामी लीग के अध्यक्ष एम. नज़रुल इस्लाम, स्विट्ज़रलैंड अवामी लीग के अध्यक्ष जमादार नज़रुल इस्लाम और महासचिव श्यामल खान समेत अन्य नेताओं ने संयुक्त रूप से सौंपा।
अवामी लीग के अनुसार, ज्ञापन में यूनुस गुट की ओर से बांग्लादेश में सत्ता पर अवैध कब्जे के बाद के किए मानवता विरोधी अपराधों के दस्तावेजी सबूत शामिल किए गए थे। इनमें अल्पसंख्यकों, अवामी लीग और उसके जुड़े संगठनों के नेताओं व कार्यकर्ताओं की हत्या, उनके घरों और व्यवसायों की लूट और कब्जे के केस शामिल हैं।