Ghaziabaad Accident : गाजियाबाद में सर्दी के साथ-साथ घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है. सुबह और देर रात दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे सड़क हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पिछले कुछ दिनों में कोहरे के कारण हुई दुर्घटनाओं को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है. अब कोहरे के दौरान यदि कोई वाहन चालक 60 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की रफ्तार से गाड़ी चलाता पाया गया, तो उसका सीधा चालान किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला लोगों की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, न कि केवल कार्रवाई करने के उद्देश्य से.
स्पीड लिमिट का सख्त पालन: तकनीक से होगी निगरानी
कोहरे के समय तेज रफ्तार सबसे बड़ा खतरा साबित होती है, क्योंकि कम दृश्यता में वाहन चालक सामने से आ रहे वाहन, पैदल यात्री या अचानक मोड़ को समय पर नहीं देख पाते। इसी वजह से गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने प्रमुख सड़कों और हाईवे पर स्पीड कैमरे और इंटरसेप्टर वाहन तैनात कर दिए हैं। ये उपकरण न सिर्फ गति मापेंगे, बल्कि नियम तोड़ने वालों की तस्वीर और वीडियो रिकॉर्ड कर तुरंत चालान जारी करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए धीमी गति सबसे जरूरी है और 60 किमी/घंटा की सीमा को ध्यान में रखकर ही यह नियम लागू किया गया है.
इन मार्गों पर रखें खास ध्यान: ज्यादा सख्ती यहीं
गाजियाबाद के कुछ मार्ग ऐसे हैं जहां ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है और कोहरे में हादसों की आशंका भी ज्यादा होती है. इनमें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, एनएच-9, एनएच-24, मोहन नगर चौराहा, राजनगर एक्सटेंशन रोड, कविनगर और इंदिरापुरम के प्रमुख मार्ग शामिल हैं। इन इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और जगह-जगह चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि इन रास्तों से गुजरते समय विशेष सतर्कता बरतें, लेन बदलते वक्त इंडिकेटर का प्रयोग करें और अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचें.
चालकों के लिए जरूरी सावधानियां: जान बचाना है तो नियम अपनाएं
ट्रैफिक पुलिस ने कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर कुछ अहम सुझाव भी जारी किए हैं. वाहन चालकों को फॉग लाइट और लो-बीम हेडलाइट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है, क्योंकि हाई-बीम लाइट कोहरे में देखने की क्षमता और कम कर देती है. इसके अलावा, आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखना, अचानक ब्रेक न लगाना और मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करना जरूरी है. दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और गर्म कपड़ों के साथ रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनने की सलाह दी गई है, ताकि वे दूर से ही नजर आ सकें.
नियमों का उद्देश्य: चालान नहीं, सुरक्षा
प्रशासन ने साफ किया है कि यह सख्ती लोगों को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि सड़क हादसों को रोकने के लिए की जा रही है. हर साल सर्दियों में कोहरे के कारण कई गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें जानमाल का भारी नुकसान होता है. यदि वाहन चालक समय रहते नियमों का पालन करें, तो इन हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है. गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि धीमी और सुरक्षित ड्राइविंग ही समझदारी है. नियम मानेंगे तो न चालान कटेगा, न ही किसी अनहोनी का खतरा रहेगा.