यूपी के गाजियाबाद जिले के मुरादनगर थाना क्षेत्र से चौंकाने वाली वारदात सामने आई है, जहां बदमाशों ने थाने के बाहर ही एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस की मौजूदगी में हुई इस सनसनीखेज घटना से न सिर्फ स्थानीय लोग दहशत में हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
मामूली विवाद ने लिया खौफनाक मोड़
घटना रात करीब 11 बजे की है. मृतक युवक की पहचान 32 वर्षीय रवि शर्मा के रूप में हुई है, जो रावली गांव का निवासी था और कीटनाशकों का कारोबार करता था. बताया जा रहा है कि कार हटाने को लेकर शुरू हुए मामूली विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया और थाने के सामने ही रवि की जान ले ली गई.
क्या है पूरा मामला?
मृतक रवि के पिता रविंद्र शर्मा ने बताया कि बुधवार को वह अपनी भतीजी को कार से लेने जा रहे थे. रास्ते में गांव के ही मोंटू और अजय नाम के दो युवको से गाड़ी हटाने को लेकर कहासुनी हो गई. पिता ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की, लेकिन दोनों युवक गुस्से में धमकी देकर चले गए.
आरोपियों ने घर पर भी की थी फायरिंग
कुछ ही देर बाद दोनों आरोपियों ने रवि के घर के बाहर फायरिंग कर दी, जिसमें दो गोलियां घर के गेट पर लगीं. इस घटना से घबराकर रवि, अपने पिता और अन्य लोगों के साथ मुरादनगर थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे. लेकिन जब रवि थाने के बाहर खड़ा था, उसी वक्त आरोपी मोंटू और अजय बाइक से पहुंचे और थाने के गेट के सामने ही रवि पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी.
मौके पर थी पुलिस
रवि को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि घटना के वक्त थाने के पास कुछ पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन हत्यारों को पकड़ने की कोई कोशिश नहीं की गई और वो मौके से फरार हो गए.
परिजनों में मातम
घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है. रवि के भाई विकास शर्मा ने बताया कि सिर्फ कार हटाने को लेकर विवाद हुआ था, लेकिन आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया.
सपा नेता और पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और इस घटना को पुलिस की सीधी नाकामी करार दिया. उन्होंने कहा, "अपराधी अब पुलिस थानो के बाहर वारदात को अंजाम देने लगे हैं, यह कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है।"
पुलिस की सफाई
घटना को लेकर डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने जानकारी दी कि झगड़ा रात 8 बजे शुरू हुआ था. घर के बाहर फायरिंग के बाद जब रवि परिवार के साथ थाने आया, तो कुछ लोग अंदर शिकायत दर्ज करा रहे थे और रवि बाहर खड़ा था. इसी दौरान आरोपियों को सड़क पार देखा गया और रवि जैसे ही पकड़ने दौड़ा, उसे गोली मार दी गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं.
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
थाने के पास हुई निर्मम हत्या ने उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है. सवाल यह है कि जब पुलिस थाने के बाहर युवक की जान सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा?
पुलिस पर आरोप है कि पहले फायरिंग की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया और फिर आंखों के सामने हुई हत्या के बाद भी अपराधी फरार हो गए. फिलहाल प्रशासन आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रहा है, लेकिन जनता और परिजन न्याय की उम्मीद में हैं.