अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते पूरी दुनिया में तनाव बढ़ गया है। इस संघर्ष का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है और कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से बढ़ गए हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल पर पड़ा है, क्योंकि ये कच्चे तेल से ही बनते हैं। कीमतों में इस उछाल के कारण दुनियाभर में ईंधन महंगा हो गया है और महंगाई का खतरा बढ़ गया है।
एशिया में सबसे ज्यादा मार
एशियाई देशों में डीजल की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है। फिलीपींस में डीजल 81% तक महंगा हो गया है। इसके अलावा मलेशिया, वियतनाम और सिंगापुर जैसे देशों में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे वहां के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
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दूसरे देशों में भी हालात खराब
सिर्फ एशिया ही नहीं, बल्कि नाइजीरिया और श्रीलंका जैसे देशों में भी हालात बिगड़ गए हैं। यहां डीजल की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है, जिससे पहले से कमजोर अर्थव्यवस्थाओं पर और दबाव बढ़ गया है।
पश्चिमी देशों में भी असर साफ
इस संकट का असर अमेरिका, कनाडा और यूरोप के देशों में भी दिख रहा है। कई देशों में डीजल की कीमतों में 30% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इससे ट्रांसपोर्ट और उद्योगों की लागत बढ़ गई है, जिसका असर आम जनता तक पहुंच रहा है।
आने वाले समय में बढ़ सकती है परेशानी
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह युद्ध जल्द खत्म नहीं हुआ, तो हालात और खराब हो सकते हैं। तेल सप्लाई में रुकावट और बढ़ती कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।