अमेरिका में टैरिफ को लेकर चल रहे विवाद का असर अब शेयर बाजार पर साफ दिखने लगा है। पिछले कारोबारी दिन अमेरिकी बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। डाउ जोंस करीब 821 अंक टूट गया। नैस्डैक और एसएंडपी 500 में भी बड़ी गिरावट देखी गई। निवेशकों में घबराहट का माहौल रहा और बाजार बंद होते समय प्रमुख सूचकांक लाल निशान में रहे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सख्त रुख
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में घोषित कई रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी बताते हुए रद्द कर दिया था। इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा झटका माना गया। लेकिन फैसले के बाद ट्रंप और सख्त नजर आए। उन्होंने पहले 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाया और फिर उसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी देश कोर्ट के फैसले का फायदा उठाने की कोशिश करेगा तो उस पर और ज्यादा टैरिफ लगाया जाएगा।
सोना-चांदी में फिर तेजी
बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया। इसका असर सोना और चांदी की कीमतों पर दिखा। दोनों धातुओं में फिर से तेजी देखने को मिली। जब वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित विकल्प मानते हैं।
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एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
अमेरिका की हलचल का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक गिरावट में रहा। जर्मनी और फ्रांस के प्रमुख सूचकांक भी दबाव में दिखे। हालांकि जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त में कारोबार करते नजर आए। यानी एशिया में तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही।
भारत के लिए क्या संकेत
भारतीय बाजार ने फिलहाल मजबूती दिखाई है। सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी पर अमेरिकी गिरावट का खास असर नहीं दिखा। दोनों सूचकांक तेजी के साथ बंद हुए। मंगलवार को भी गिफ्ट निफ्टी सकारात्मक संकेत देता नजर आया। इससे संकेत मिल रहा है कि फिलहाल भारतीय बाजार स्थिर है, लेकिन वैश्विक हालात पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
आगे क्या देखना होगा
टैरिफ को लेकर अमेरिका और अन्य देशों के बीच तनाव बना हुआ है। अगर यह विवाद और बढ़ता है तो वैश्विक व्यापार और बाजारों पर असर पड़ सकता है। भारत के लिए फिलहाल स्थिति संतुलित दिख रही है, लेकिन आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय फैसले बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को सावधानी के साथ कदम उठाने की जरूरत है।