भारतीय शेयर बाजार की हालत लगातार बिगड़ती नजर आ रही है। सोमवार की भारी गिरावट के बाद मंगलवार को भी बाजार संभल नहीं सका। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों तेजी से नीचे फिसल गए। सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से कमजोर खुला और कुछ ही मिनटों में 370 अंकों से ज्यादा टूट गया। वहीं निफ्टी भी 25,500 के अहम स्तर से नीचे आ गया। अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,246 के मुकाबले हल्की कमजोरी के साथ खुला, लेकिन शुरुआती मिनटों में ही गिरावट तेज हो गई। देखते ही देखते सेंसेक्स 82,867 के आसपास पहुंच गया। निफ्टी भी ज्यादा देर टिक नहीं सका और 25,585 से फिसलकर करीब 25,453 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार की यह चाल साफ बता रही थी कि दबाव काफी ज्यादा है।
विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेत
भारतीय बाजार में गिरावट के संकेत पहले ही वैश्विक बाजारों से मिल चुके थे। अमेरिका में पिछले कारोबारी दिन शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे। डाउ जोंस और एस एंड पी जैसे प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में रहे। एशियाई बाजारों में भी हालात कुछ अलग नहीं थे। दक्षिण कोरिया को छोड़कर ज्यादातर बाजारों में बिकवाली देखने को मिली।
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जापान से यूरोप तक कोहराम
एशियाई बाजारों में सबसे ज्यादा दबाव जापान में नजर आया। जापान का प्रमुख सूचकांक बड़ी गिरावट के साथ नीचे आया। हांगकांग, जर्मनी और फ्रांस के बाजार भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। ब्रिटेन का बाजार भी गिरावट से नहीं बच सका। गिफ्ट निफ्टी में भी कमजोरी देखने को मिली, जिससे भारतीय बाजार के लिए माहौल पहले से ही नकारात्मक बना हुआ था।
इन बड़े शेयरों में आई तेज गिरावट
मंगलवार की गिरावट में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर बुरी तरह टूटे। बड़े शेयरों में बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, इंडिगो और रिलायंस जैसे नामों में गिरावट देखने को मिली। मिडकैप शेयरों की हालत और खराब रही, जहां रियल एस्टेट, इलेक्ट्रिक वाहन और सरकारी कंपनियों के शेयरों में चार से पांच प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
लगातार दूसरे दिन आई इस गिरावट ने साफ कर दिया है कि बाजार फिलहाल दबाव में है। वैश्विक संकेत कमजोर बने हुए हैं और निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि जब तक विदेशी बाजारों में स्थिरता नहीं आती, तब तक भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए सोच-समझकर फैसला लेने की सलाह दी जा रही है।