मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर अब पूरी दुनिया के शेयर बाजारों पर दिखने लगा है। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के टकराव ने वैश्विक बाजारों में डर का माहौल बना दिया है। इसका सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों और शेयर बाजार पर दिखाई दे रहा है। कई देशों के बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे हालात में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार को भी कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।
अमेरिकी बाजारों में पहले ही मच चुका हड़कंप
बीते कारोबारी दिन अमेरिकी शेयर बाजार में भी तेज गिरावट देखने को मिली थी। डाउ जोंस करीब 453 अंक टूटकर 47,522 के स्तर पर बंद हुआ। इसके अलावा एसएंडपी 157 अंक नीचे आ गया, जबकि नैस्डैक में भी 361 अंक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। डाउ फ्यूचर्स भी करीब 1120 अंक यानी 2.36 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
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एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट
अमेरिका के बाद सोमवार को एशियाई बाजारों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 4100 अंक यानी 7.40 प्रतिशत गिरकर 51,407 के आसपास कारोबार करता नजर आया। इसके अलावा हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 800 अंक से ज्यादा टूटकर 24,889 पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी करीब 440 अंक गिरकर 5,096 के स्तर पर आ गया। इन बाजारों की गिरावट ने निवेशकों को और ज्यादा चिंतित कर दिया है।
भारतीय बाजार के लिए भी नकारात्मक संकेत
वैश्विक बाजारों में जारी गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है। गिफ्ट निफ्टी में करीब 575 अंक की गिरावट देखी जा रही है, जो संकेत दे रही है कि सेंसेक्स और निफ्टी कमजोर शुरुआत कर सकते हैं। पिछले सप्ताह भी भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। शुक्रवार को सेंसेक्स करीब 1097 अंक टूटकर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में 315 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी। ऐसे में आज के कारोबार को लेकर निवेशकों की नजरें बाजार की चाल पर टिकी हुई हैं।