Sugar Crisis Global Sugar Prices ---भारत में त्योहारों से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों ने चिंता बढ़ा दी है, लेकिन यह परेशानी सिर्फ देश तक सीमित नहीं है। दुनिया के कई बड़े चीनी उत्पादक देशों में उत्पादन और आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। भारत में कम उत्पादन, फसल पर बीमारी और बारिश से नुकसान जैसी वजहें सामने आ रही हैं। वहीं ब्राजील में गन्ने का बड़ा हिस्सा इथेनॉल की ओर जाने और मौसम के असर से वैश्विक चीनी बाजार पर दबाव बढ़ रहा है।
भारत में अनुमान से कम चीनी उत्पादन
सरकार के अनुसार, मौजूदा सीजन में भारत में चीनी उत्पादन करीब 306 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जबकि शुरुआती अनुमान करीब 343 लाख मीट्रिक टन था। गन्ने की फसल रेड रॉट और टॉप बोरर जैसी बीमारियों से प्रभावित हुई है। समय से पहले हुई ज्यादा बारिश और जलभराव ने भी कई इलाकों में फसल को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि सरकार का कहना है कि देश में घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और अक्टूबर में नया पेराई सीजन शुरू होने तक आपूर्ति बनी रहेगी।
ब्राजील में इथेनॉल की ओर जा रहा गन्ना
वैश्विक चीनी बाजार में ब्राजील की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया के कुल गन्ना उत्पादन में ब्राजील की हिस्सेदारी करीब 24 प्रतिशत है, जबकि भारत की हिस्सेदारी लगभग 16 प्रतिशत है। अब ब्राजील में गन्ने का एक हिस्सा चीनी के बजाय इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल हो रहा है। इससे चीनी के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।
इथेनॉल मिश्रण बढ़ने से चीनी की सप्लाई पर असर
ब्राजील ने जुलाई के अंत में अनिवार्य इथेनॉल मिश्रण की दर बढ़ाकर 32 प्रतिशत कर दी, जो इससे पहले 30 प्रतिशत थी। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी गन्ने को इथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ने को बढ़ावा दे रही हैं। इससे वैश्विक बाजार में उपलब्ध चीनी की मात्रा सीमित हो सकती है। ब्राजील के उत्पादन में करीब 3 प्रतिशत की कमी का अनुमान भी सामने आया है।
अल नीनो और बारिश ने बढ़ाई चिंता
चीनी उत्पादन पर मौसम का असर भी लगातार बढ़ रहा है। ब्राजील के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में बारिश में देरी और बढ़ते तापमान ने गन्ने की फसल को प्रभावित किया है। भारत और थाईलैंड जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में भी मौसम को लेकर चिंता बनी हुई है। अल नीनो के चलते कुछ क्षेत्रों में बारिश कम होने की आशंका है, जिससे आने वाले समय में उत्पादन पर दबाव बढ़ सकता है।
दुनिया में बढ़ सकती है चीनी की कमी
वैश्विक बाजार में आपूर्ति सीमित होने की आशंका के बीच चीनी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। विश्लेषकों ने 2026/27 में वैश्विक चीनी घाटे के अनुमान को बढ़ाया है। गन्ने और चुकंदर की कम बुवाई के कारण 2027/28 में स्थिति और चुनौतीपूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है। यानी भारत से लेकर ब्राजील और थाईलैंड तक उत्पादन पर मौसम और ईंधन की मांग का असर दिख रहा है, जिसका सीधा प्रभाव वैश्विक चीनी बाजार पर पड़ सकता है।