अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में घोषित अपने महत्वाकांक्षी ‘बोर्ड ऑफ पीस’ से कनाडा को दिया गया न्योता अचानक वापस लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इस फैसले की जड़ कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का हालिया भाषण बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने परोक्ष रूप से महाशक्तियों की विदेश नीति पर सवाल उठाए थे।
दावोस में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का ऐलान
स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वैश्विक सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक मंच के गठन की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य दुनियाभर में जारी संघर्षों के समाधान तलाशना और युद्ध प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण में सहयोग देना बताया गया। शुरुआत में लगभग 50 देशों को इसमें शामिल होने का न्योता भेजा गया था, जिनमें कनाडा भी शामिल था।
कनाडा का न्योता क्यों लिया वापस?
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया आने से पहले ही ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर यह स्पष्ट कर दिया कि कनाडा को भेजा गया आमंत्रण अब रद्द किया जा रहा है। उन्होंने लिखा कि यह मंच भविष्य का सबसे प्रतिष्ठित वैश्विक नेतृत्व मंच होगा और इसकी सदस्यता को लेकर अमेरिका बेहद चयनात्मक रवैया अपनाएगा।
35 देशों की सहमति, यूरोप की झिझक
अब तक करीब 35 देशों ने इस बोर्ड में शामिल होने की सहमति जता दी है, जिनमें पश्चिम एशिया के कई प्रमुख देश शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी रहे कुछ यूरोपीय देश अभी इस पहल से दूरी बनाए हुए हैं। सदस्यता शुल्क और बोर्ड की संरचना को लेकर उनकी आपत्तियां सामने आ रही हैं।
स्थायी सदस्यता के लिए भारी रकम
ड्राफ्ट प्रस्ताव के अनुसार, किसी भी देश को स्थायी सदस्य बनने के लिए कम से कम एक अरब अमेरिकी डॉलर का भुगतान करना होगा। यह भी चर्चा है कि ट्रंप इस मंच के आजीवन अध्यक्ष रह सकते हैं, जबकि अन्य सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा। इस आर्थिक ढांचे को लेकर कई देशों के भीतर मंथन जारी है।
कार्नी का भाषण बना विवाद की जड़
पूरा विवाद कनाडाई प्रधानमंत्री के दावोस भाषण से जुड़ा माना जा रहा है। उन्होंने ‘मध्यम शक्तियों’ से अपील की थी कि वे महाशक्तियों के दबाव के खिलाफ एकजुट हों। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने टैरिफ, वित्तीय दबाव और सप्लाई चेन को रणनीतिक हथियार बनाने जैसी नीतियों की आलोचना की थी। इसी बयान को ट्रंप की नाराज़गी की असली वजह माना जा रहा है।