गोवा के बर्च बाय क्लब अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई के बीच को-ओनर अजय गुप्ता का पहला बयान सामने आया है। दिल्ली के लाजपत नगर स्थित अस्पताल से गिरफ्तार किए गए अजय ने दावा किया कि उसका क्लब के ऑपरेशन से कोई लेना-देना नहीं, वह सिर्फ लूथरा परिवार का स्लीपिंग पार्टनर है। गिरफ्तारी के दौरान उसने मास्क और हुडी से चेहरा ढका रखा था। पुलिस को शक है कि अजय की भूमिका सिर्फ फाइनेंशियल नहीं, बल्कि क्लब ऑपरेशंस से भी जुड़ी हो सकती है, जिसे लेकर अब कड़ी पूछताछ की तैयारी है।
कोर्ट में पेशी, गोवा पुलिस ट्रांजिट रिमांड मांगेगी
दिल्ली पुलिस अजय गुप्ता को आज साकेत कोर्ट में पेश कर सकती है, जहां गोवा पुलिस उसकी ट्रांजिट रिमांड मांगने वाली है। गुप्ता के खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट और LOC जारी किया जा चुका था। पुलिस जब दिल्ली स्थित उसके घर पहुंची थी तब वह गायब मिल-ा, जिसके बाद उसे ट्रेस कर हिरासत में लिया गया। अब उसे गोवा ले जाकर क्लब में निवेश, ऑपरेशन और लूथरा परिवार से उसके बिजनेस संबंधों पर विस्तृत पूछताछ होगी।
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क्लब में गहरी पार्टनरशिप, पुलिस को जानकारी
जांच में सामने आया कि अजय गुप्ता और उसका भाई राजेश गुप्ता क्लब के मुख्य पार्टनर सौरभ लूथरा के साथ लंबे समय से जुड़े थे। पुलिस का दावा है कि गुप्ता ब्रदर्स ने क्लब में भारी निवेश किया था और उनकी भूमिका सिर्फ पैसों तक सीमित थी या उससे आगे भी बढ़ी, यह अब पूछताछ से साफ होगा। इस केस में अजय से पूछताछ से पुलिस को उन लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है जो घटना और क्लब की संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
छह गिरफ्तारियां, लूथरा ब्रदर्स अब भी फरार
6 दिसंबर की रात गोवा के इस नाइटक्लब में लगी भीषण आग में 25 लोगों की जान गई थी। अब तक कुल 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन मामले के मुख्य आरोपी क्लब मालिक सौरभ और गौरव लूथरा अभी भी फरार हैं। दोनों घटना के बाद थाईलैंड भाग गए थे, जिन पर इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी है। दोनों ने दिल्ली कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी भी लगाई है, जबकि गोवा पुलिस उन्हें भारत वापस लाने के लिए केंद्र एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।